उरई। घर में घुसकर महिला की हत्या के मामले में अदालत ने आठ साल बाद फैसला सुनाया है। अपर जिला जज भारतेंदु सिंह ने आरोपी हरनारायण उर्फ हन्नू यादव को दोषी करार दिया। उसे आजीवन कारावास और 34 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। आठ साल से आरोपी जेल में बंद है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 13 मई 2018 को पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि सुबह करीब छह बजे हरनारायण उर्फ हन्नू यादव उसके भाई के घर में घुस आया था। आरोपी ने उसकी भाभी से छेड़खानी की। भाभी ने विरोध किया तो आरोपी ने तलवार से कई वार कर दिए। महिला की चीख सुनकर उसके भाई घर के अंदर पहुंचे तो उन्होंने हरनारायण को तलवार से हमला करते देखा। परिजनों के ललकारने पर आरोपी तलवार छोड़कर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गया। आसपास के लोगों ने भी उसे भागते हुए देखा था।
गंभीर रूप से घायल महिला को परिजन उपचार के लिए जिला अस्पताल उरई ले जा रहे थे। लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने सूचना पर मुकदमा दर्ज कर घटना के दिन ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तलवार भी बरामद की।
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने वादी और अन्य गवाहों के बयान दर्ज कराए। घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य और हथियार की बरामदगी भी अदालत के समक्ष रखी गई। शनिवार को सुनवाई पूरी होने पर अपर जिला जज भारतेंदु सिंह ने सभी साक्ष्यों का अवलोकन किया। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने हरनारायण उर्फ हन्नू यादव को दोषी माना और सजा सुनाई।
घटना के बाद उरई आ गया था परिवार
घटना की गंभीरता और भय के चलते पीड़ित परिवार ने कुछ समय बाद गांव छोड़ दिया था। परिजन उरई आकर रहने लगे थे। उनका कहना है कि आठ साल तक मुकदमे की सुनवाई का इंतजार करने के बाद अब अदालत के फैसले से उन्हें न्याय मिला है।
