झांसी। बुंदेलखंड की रेल कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं को लेकर शुक्रवार को सांसद अनुराग शर्मा ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने क्षेत्र की प्रमुख मांगें उठाईं। ओरछा पैलेस एवं कन्वेंशन सेंटर में उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह की मौजूदगी में हुई सांसदों की बैठक में अनुराग शर्मा ने ललितपुर से लखनऊ-झांसी इंटरसिटी शुरू करने, भोपाल से लखनऊ तक स्लीपर वंदे भारत चलाने और बुंदेलखंड सर्किट ट्रेन शुरू करने का सुझाव दिया।
उन्होंने काशी-झांसी के बीच नई वंदे भारत ट्रेन चलाने और बीडा को नई रेल लाइन से जोड़ने की जरूरत भी बताई। हालांकि, इस बीच सांसद ने नियमित समय पर बैठक न बुलाने और गतिमान एक्सप्रेस की खराब सीटों को लेकर मुद्दा उठाया तो अफसर असहज हो उठे। सांसद ने कहा, जब किराया यात्री देगा तो उसे सुविधाएं भी वंदे भारत की तरह दी जाएं। जीएम ने कहा कि 200 से 300 नए कोच उत्तर मध्य रेलवे को मिलेंगे। व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।
सांसद ने कहा कि बुंदेलखंड में पर्यटन, उद्योग और रोजगार की संभावनाओं को देखते हुए मजबूत रेल नेटवर्क जरूरी है। उन्होंने लंबे समय से लंबित ट्रेनों के ठहराव को शीघ्र मंजूरी देने के साथ स्वीकृत रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज के निर्माण में तेजी लाने पर भी जोर दिया, ताकि रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिल सके।
सांसद अनुराग शर्मा ने झांसी-ललितपुर में वाशिंग पिट का जल्द निर्माण, निर्माणाधीन रेलवे स्टेशनों को तय समय में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने और रेलवे की जमीन का उचित उपयोग सुनिश्चित करने की मांग रखी। ललितपुर स्टेशन के विकास कार्य को शीघ्र पूरा करने के साथ बरुआसागर स्टेशन पर बुंदेलखंड एक्सप्रेस के ठहराव का सुझाव भी दिया। उन्होंने फाटक संख्या 367, 369 और 341 से जुड़े कार्यों को भी जल्द पूरा कराने की बात कही। सांसद ने कहा कि रेलवे की आधारभूत संरचना मजबूत और आधुनिक होगी तो पूरे क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। बैठक में टीकमगढ़, खजुराहो, ग्वालियर, महोबा और सागर समेत अन्य क्षेत्रों से आए सांसदों के प्रतिनिधियों ने भी ट्रेनों के ठहराव, नई सेवाओं, स्टेशन विकास और यात्री सुविधाओं से जुड़े सुझाव रखे। संचालन डिप्टी जीएम सामान्य अतुल मिश्रा व आभार डीआरएम अनिरुद्ध कुमार ने व्यक्त किया। बैठक में उत्तर मध्य रेलवे के सभी विभागाध्यक्ष और मंडल के शाखाधिकारी मौजूद रहे।
रेलवे विकास कार्यों की उपलब्धियां भी गिनाईं
बैठक में महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने झांसी मंडल की उपलब्धियां बताते हुए कहा कि यात्री सुविधाओं, लाइन क्षमता, संरक्षित ट्रेन संचालन, कर्मचारी कल्याण और पर्यावरण संरक्षण पर लगातार काम किया जा रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में मंडल से करीब 4.58 करोड़ यात्रियों ने यात्रा की, जबकि यात्री आय 1016 करोड़ रुपये और माल लदान से करीब 947.15 करोड़ रुपये की आय हुई।
उन्होंने बताया कि 2025-26 से अब तक मंडल के 10 स्टेशनों पर 14 जोड़ी ट्रेनों को 14 नए ठहराव दिए गए हैं। मेला, गर्मी, त्योहार और परीक्षा विशेष ट्रेनों समेत 648 विशेष ट्रिप संचालित की गईं। दो जोड़ी नई ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ और चार जोड़ी मेमू ट्रेनों को आठ से बढ़ाकर 12 कोच किया गया। झांसी, ग्वालियर और खजुराहो स्टेशनों को री-डेवलपमेंट योजना के तहत विकसित किया जा रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल 16 में से छह स्टेशनों का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा 93 किलोमीटर नई रेल लाइन तथा 157.67 किलोमीटर में ऑटोमेटिक सिग्नलिंग और 68.5 किलोमीटर में कवच प्रणाली शुरू की गई है।
अन्य सांसदों ने भी रखे सुझाव
– भिंड-दतिया संध्या राय ने बसई स्टेशन पर उत्कल एक्सप्रेस के ठहराव करने और भिंड को राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ने के लिए नई रेल सेवा शुरू करने की मांग की।
– उरई-जालौन सांसद नारायण दास अहिरवार ने उरई से नई दिल्ली के लिए ट्रेन और कोंच से कानपुर के लिए सीधी रेल सेवा मांगी।
-मुरैना सांसद शिवमंगल सिंह तोमर ने मुरैना में गोवा एक्सप्रेस और गतिमान एक्सप्रेस का ठहराव मांगा। ग्वालियर-श्योपुरकलां ट्रेन संचालन की मांग की।
– बांदा सांसद कृष्णा देवी शिवशंकर पटेल ने अतर्रा स्टेशन के विकास और चित्रकूटधाम कर्वी से रामेश्वरम के लिए नई ट्रेन चलाने की बात रखी।
-राज्यसभा सदस्य महेश केवट ने ओरछा स्टेशन पर गतिमान और ताज एक्सप्रेस के ठहराव/संचालन की मांग की।
