खाना-पूरी के नाम पर गड्ढों में डाली जा रही गिट्टी और बालू
– कई लोग हो चुके घायल, एक युवक की जा चुकी है जान
उरई। शहर के साथ साथ आसपास के गांवों को जोड़ने वाले उरई-राठ मार्ग पर मंडी गेट से विजय विक्रम गेस्ट हाउस तक करीब तीन किलोमीटर सड़क पर सैकड़ों गड्ढे राहगीरों के लिए मुसीबत बने हैं। वर्षों से बदहाल सड़क पर कई जगह इतने गड्ढे हो गए हैं कि वाहन चालकों को सड़क तलाशकर निकलना पड़ रहा है।
बारिश के बाद स्थिति और खतरनाक हो गई है। गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और वाहन चालक हादसे का शिकार हो रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार ई-रिक्शा पलट चुके हैं और बाइक सवारों के गिरने की घटनाएं आम हो गई हैं। एक युवक की तो गड्ढे से बचने के प्रयास में सामने से आ रही बाइक से टक्कर के बाद मौत भी हो चुकी है।
फोटो – 21 पेट्रोल पंप के पास एक साथ दर्जनों गड्ढे। संवाद
शिवम पेट्रोल पंप के आगे गड्ढों का जाल
शिवम पेट्रोल पंप के आगे सड़क की हालत सबसे ज्यादा खराब है। स्थानीय लोगों के अनुसार, एक ही स्थान पर छोटे-बड़े करीब सौ गड्ढे हैं। बारिश होने पर इनमें पानी भर जाता है। दोपहिया वाहन चालक गड्ढों से बचने के लिए अचानक दिशा बदलते हैं, जिससे सामने से आने वाले वाहनों से टक्कर का खतरा बना रहता है।
फोटो – 22 गैस एजेंसी के सामने बुरा हाल, इन गड्ढों में गिर जाते लोग। संवाद
जगह-जगह टूटी सड़क, 50 गड्ढे
भारत गैस एजेंसी के पास विजय विक्रम गेस्ट हाउस की ओर जाने वाली सड़क पर भी करीब 50 छोटे-बड़े गड्ढे हैं। यहां सड़क जगह-जगह टूट चुकी है। दिनभर वाहनों की आवाजाही के कारण गड्ढों से बचकर निकलना मुश्किल होता है। लोगों का कहना है कि रात में यह रास्ता और ज्यादा खतरनाक हो जाता है।
फोटो – 23 पानी भरा होने से साफ दिखाई देते गड्ढे। संवाद
विनायक स्कूल के पास पानी में छिप जाते हैं गड्ढे
विनायक स्कूल के पास यात्री प्रतीक्षालय के आसपास सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं। बारिश के बाद इनमें पानी भर जाने से गड्ढे दिखाई नहीं देते। इसी रास्ते से स्कूली बच्चे ई-रिक्शा और दोपहिया वाहनों से गुजरते हैं। अभिभावकों को हर समय हादसे का डर बना रहता है।
फोटो – 24 गड्ढों में तब्दील हुई झांसी रोड जाने वाली सड़क। संवाद
कई स्थानों पर उखड़ी है सड़क
उरई शहर में भी कई प्रमुख मार्ग लंबे समय से बदहाली से जूझ रहे हैं। झांसी चुंगी से बस स्टैंड जाने वाले मार्ग पर कई स्थानों पर सड़क उखड़ी हुई है। राजेंद्र नगर, बैंक कॉलोनी और आसपास के मोहल्लों में भी जगह-जगह गड्ढे और जलभराव की समस्या बनी रहती है। बारिश के दिनों में सड़क और नालियों का अंतर मिट जाता है। इससे दोपहिया वाहन चालकों के साथ पैदल निकलने वालों को भी परेशानी होती है।
फोटो- 25 जावेद अख्तर
गड्ढों से बचकर चलाना पड़ता है वाहन
मुहम्मदाबाद निवासी जावेद अख्तर बताते हैं कि शहर से गांव तक जाने में महज तीन किलोमीटर का रास्ता है, लेकिन इसे पार करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि सड़क पर गड्ढों से बचते हुए वाहन चलाना पड़ता है। थोड़ी सी नजर चूकी तो समझो घटना हुई। उनके अनुसार, ई-रिक्शा से स्कूली बच्चे भी इसी रास्ते से आते-जाते हैं। ऐसे में गड्ढों के कारण ई-रिक्शा पलटने का डर हमेशा बना रहता है।
फोटो- 26 राकेश कुशवाहा
अतिक्रमण से संकरा हो गया है मार्ग
राकेश कुशवाहा ने बताया कि सड़क पर इतने गड्ढे हैं कि वाहन लेकर निकलना किसी चुनौती से कम नहीं है। बारिश में गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और खराब हो जाती है। उन्होंने बताया कि करीब तीन किलोमीटर सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण भी है, जिससे मार्ग और संकरा हो गया है।
गड्ढे से बचने में बाइक की आमने-सामने हुई थी टक्कर
मुहम्मदाबाद निवासी रामेश्वर के बेटे आशिक उरई से घर लौट रहे थे। शिवम पेट्रोल पंप से कुछ आगे सड़क पर बने गड्ढों से बचने के प्रयास में उनकी बाइक सामने से आ रही बाइक से टकरा गई थी। हादसे में आशिक की मौके पर ही मौत हो गई थी।
वर्जन
खराब सड़कों का सर्वे कराया जा रहा है। जल्द ही इन सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी। – रामअचल कुरील, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका
फोटो – 27 ऊमरी – नावर मार्ग पर हुई तीन फीट गहरा गड्ढा। संवाद
ऊमरी-नावर मार्ग पर धंसी सड़क, तीन फीट गहरे गड्ढे से हादसे का खतरा
अचानक सड़क धंसने से बना कुएं जैसा गड्ढा, रात में राहगीरों के लिए बढ़ा खतरा
उरई। ऊमरी गांव से नावर जाने वाले मुख्य मार्ग पर शनिवार सुबह अचानक सड़क धंसने से करीब तीन फीट गहरा गड्ढा हो गया। देखते ही देखते गड्ढा बढ़ता गया और इसका आकार कुएं जैसा हो गया। सड़क धंसने से नीचे की जमीन तक दिखाई देने लगी। मुख्य मार्ग पर बने इस गड्ढे से राहगीरों और वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा बढ़ गया है।
शनिवार सुबह करीब 10 बजे अचानक सड़क के बीचोंबीच जमीन धंसने लगी। कुछ ही देर में यहां बड़ा गड्ढा हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार गड्ढा लगातार बढ़ रहा है। खासकर रात के समय तेज रफ्तार वाहन चालकों को इसका अंदाजा न होने पर गंभीर हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क धंसने के बाद भी मौके पर अभी तक बैरिकेडिंग या किसी तरह की चेतावनी की व्यवस्था नहीं की गई है। लोगों ने संबंधित विभाग से तत्काल बैरिकेडिंग कराने और सड़क को दुरुस्त कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि यदि रात होने से पहले गड्ढे को नहीं भरा गया या आसपास सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए तो अंधेरे में बड़ा हादसा हो सकता है। मुख्य मार्ग होने के कारण इस रास्ते से दिनभर बड़ी संख्या में वाहन और राहगीर गुजरते हैं।
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि सड़क पर बने गड्ढे को भरवाने का काम कराया जा रहा है। साथ ही आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था भी कराई जाएगी।

फोटो – 21 पेट्रोल पंप के पास एक साथ दर्जनों गड्ढे। संवाद

फोटो – 21 पेट्रोल पंप के पास एक साथ दर्जनों गड्ढे। संवाद

फोटो – 21 पेट्रोल पंप के पास एक साथ दर्जनों गड्ढे। संवाद

फोटो – 21 पेट्रोल पंप के पास एक साथ दर्जनों गड्ढे। संवाद
