लखनऊ। जापान एशियाई खेलों के लिए भारत की चार सदस्यीय ग्रीको रोमन कुश्ती टीम लखनऊ साई सेंटर में अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है। पिछले दिनों डोपिंग में दो खिलाड़ियों के फंसने के बावजूद टीम का हौसला नहीं डगमगाया है। खिलाड़ी पिछले एशियाई खेलों के एक कांस्य पदक के प्रदर्शन को पीछे छोड़ने के लिए दृढ़ हैं।

भारतीय दल 26 सितंबर को लखनऊ से जापान के लिए रवाना होगा। इसी दिन लखनऊ साई सेंटर खिलाड़ियों के सम्मान में एक समारोह आयोजित करेगा। इसमें उन्हें एशियाई खेलों में बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामना संदेश दिया जाएगा। सोमवार, 13 सितंबर को

अभ्यास सत्र के बाद टीम के चीफ कोच हरगोविंद सिंह ने अमर उजाला से बात की। उन्होंने बताया कि डोप में फंसने से अन्य खिलाड़ियों पर असर स्वाभाविक है। हालांकि, इसका सकारात्मक पहलू यह है कि सभी खिलाड़ी अधिक सतर्क हो जाते हैं। इससे उनका कॅरिअर खराब होने से बचता है। उन्होंने कहा कि यह बात अब पुरानी हो चुकी है। सभी खिलाड़ियों का ध्यान इस समय एशियाई खेलों में प्रदर्शन पर केंद्रित है। लखनऊ साई सेंटर में एशियाई खेलों के लिए लंबे समय से कैंप चल रहा है। इस दौरान टीम को ताशकंद, उज्बेकिस्तान में 25 दिन के स्पेशल कैंप में भी भेजा गया था। वहां भी खिलाड़ियों ने अपनी तैयारियों को मजबूत किया। अब वे अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। पिछले एशियाई खेलों में सुनील कुमार ने 87 किग्रा वर्ग में भारत के लिए कांस्य पदक जीता था। इस बार उनसे पदक का रंग बदलने की उम्मीद है। इसके अलावा 60 किग्रा वर्ग में सुमित दलाल से भी पदक की आशा है। 77 किग्रा वर्ग में अमन और 97 किग्रा वर्ग में नितेश से भी पदक जीतने की उम्मीद जताई गई है।



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