ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के देशव्यापी जेन-जी राइजिंग अभियान के तहत बुधवार को रेजीडेंसी के पास स्थित गांधी प्रेक्षागृह में ‘लखनऊ विद जेन-जी’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान यहां पहुंचीं आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा कि देशभर में इस समय हजारों जंतर-मंतर सुलग रहे हैं और उठ खड़े होने को तैयार हैं। उन्होंने यूपी सरकार को जमकर कोसा और कहा कि उत्तर प्रदेश में बुलडोजर नफरत और खौफ का पर्याय बन चुका है।
नेहा बोरा ने पिछले दिनों लखनऊ विवि में फीस वृद्धि का विरोध कर रहे छात्रों के निलंबन का मुद्दा भी उठाया और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विवि में छात्रा की मौत के बाद विरोध कर रहे छात्रों के निलंबन को भी तानाशाही करार दिया। कविताई वाले लहजे में उन्होंने कहा कि वह मंजिल उस उत्तर प्रदेश से बहुत दूर है जहां 26 हजार स्कूलों को बंद करने का फरमान जारी कर दिया जाता है, जहां निर्दोषों को एनकाउंटर के नाम पर गोली मार दी जाती है, जहां महिलाओं के साथ दुष्कर्म को छुपाया जाता है, जहां एक रेप पीड़िता को अपनी लड़ाई लड़ते हुए परिवार के कई सदस्यों को खो देना पड़ता है और जहां आएदिन पेपर लीक होते हैं, फिर परीक्षाएं निरस्त की जाती हैं।
आइसा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा कि यह कार्यक्रम ‘जेन-जी महाजुटान यात्रा’ का हिस्सा था। यह यात्रा परीक्षा में अनियमितताओं, पेपर लीक और बेरोजगारी के सवालों पर हुए हाल के छात्र आंदोलनों के बाद प्रदेश के कई शहरों से गुजर रही है। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश में शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े छात्र-युवा संघर्षों को एक साझा मंच पर लाना था। रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (आरवाईए) के उत्तर प्रदेश सचिव सुनील मौर्य, सामाजिक कार्यकर्ता इरफान, कॉमरेड लाल बहादुर सिंह, राजनीतिक व्यंग्यकार मेडुस्सा, मेघनाद, अस्वमित के अलावा जंतर-मंतर पर हुए प्रोटेस्ट मेें युवाओं को भोजन कराने को लेकर चर्चा में आए जुनैद ने भी संबोधित किया।
