शिक्षक प्रशिक्षण में नई तकनीकों के उपयोग और शैक्षिक नवाचार में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रो. किरन लता डंगवाल को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), उत्तराखंड ने प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया है। उन्हें शिक्षकों के निरंतर व्यावसायिक विकास से जुड़ी ई-सृजन पहल के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए यह सम्मान दिया गया।
प्रो. डंगवाल ने ई-सृजन पहल के अंतर्गत आयोजित ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के पहले और दूसरे चरण में विषय विशेषज्ञ, समीक्षक, तकनीकी दल की सदस्य और आयोजक के रूप में योगदान दिया। इस पहल का उद्देश्य उत्तराखंड के राजकीय विद्यालयों के शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के उपयोग में दक्ष बनाना है, ताकि वे भविष्य की शैक्षिक जरूरतों के अनुरूप शिक्षण कार्य कर सकें। इस पहल में 99 प्रतिशत से अधिक सहभागिता दर्ज की गई।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मिली पहचान
शिक्षक प्रशिक्षण के क्षेत्र में इस पहल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। एआई और आईसीटी पर आधारित ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करने की पहल को एआई फॉर एजुकेशन अवॉर्ड्स-2026 के वैश्विक अंतिम चरण के लिए चुना गया। वहीं, ई-सृजन के माध्यम से बड़े स्तर पर शिक्षक प्रशिक्षण में बदलाव लाने के प्रयास को स्कॉच अवॉर्ड-2026 की शिक्षा श्रेणी में स्वर्ण पुरस्कार मिला है।
इसके अलावा, इस कार्य को यूनेस्को के लर्निंग इनोवेशंस एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज सम्मेलन-2026 में प्रस्तुति के लिए स्वीकार किया गया है। यह सम्मेलन 27 से 29 नवंबर तक हांगकांग स्थित द एजुकेशन यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग में आयोजित होगा।
यह सम्मान शिक्षक शिक्षा में नई तकनीकों के प्रभावी उपयोग, डिजिटल माध्यमों से प्रशिक्षण को बढ़ावा देने और शिक्षकों के कौशल विकास के क्षेत्र में प्रो. डंगवाल के योगदान को रेखांकित करता है।
