UP: Census will count every person, even pavement dwellers will be asked 40 questions; learn about the process

देश में जनगणना की प्रक्रिया।
– फोटो : अमर उजाला।

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गांव से शहर आकर किराये के मकान में रहने वाले हों या झोपड़ी और फुटपाथ पर रात गुजारने वाले लोग, जनगणना-2027 में सभी की गणना उनके रहने के स्थान के आधार पर होगी। विदेश में पढ़ाई या नौकरी कर रहे भारतीयों को देश की जनगणना में शामिल नहीं किया जाएगा। उनके भारत में रह रहे परिजनों की ही गणना होगी। जनगणना निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा ने बृहस्पतिवार को प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी।


उन्होंने बताया कि जनगणना के दूसरे चरण में 16 से 30 नवंबर तक स्वगणना होगी। इसके बाद एक दिसंबर से चार जनवरी तक प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। इस दौरान प्रत्येक व्यक्ति से करीब 40 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें परिवार, मकान और रहने की स्थिति के साथ आधार नंबर, बैंक खाते की संख्या, मोबाइल नंबर, वोटर आईडी, भारतीय पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी जानकारी शामिल होगी। 

किसी भी दस्तावेज की प्रति जमा नहीं करनी होगी। नागरिकों का डाटा गोपनीय रखा जाएगा। जनगणना में कोई छूट न जाए, इसके लिए चार जनवरी को विशेष अभियान चलेगा। शाम पांच से रात दस बजे तक फुटपाथ, फ्लाईओवर के नीचे, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर सोने वालों की गणना की जाएगी। झुग्गी-बस्ती में झोपड़ी बनाकर रहने वाले परिवार भी इसमें शामिल होंगे। प्रदेश में अभियान के लिए 5.62 लाख से अधिक कार्मिक लगाए जाएंगे।

रक्षा क्षेत्रों में सेना के प्रशिक्षित कार्मिक गणना करेंगे। वहां की आबादी अलग से दर्ज नहीं की जाएगी। हॉस्टल, अनाथालय, शरणालय और जेलों में रहने वाले लोगों की भी गणना होगी। प्रदेश के करीब 7290 गैर-आबाद क्षेत्र जनगणना के दायरे में होंगे। किसी तरह की परेशानी या जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1855 पर संपर्क किया जा सकता है।



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