उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों और 30 अक्तूबर को होने वाली कार्यसमिति की बैठक से पहले भाजपा ने सोमवार को 712 सदस्यीय विशाल प्रदेश कार्यसमिति घोषित कर संगठनात्मक तैयारी को नया आकार दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत प्रमुख नेताओं को शामिल करने के साथ पार्टी ने वरिष्ठ नेतृत्व, पुराने चेहरों और सामाजिक प्रतिनिधित्व को एक मंच पर लाने का प्रयास किया है। खास बात यह है कि भाजपा की कार्यसमिति की घोषणा से कुछ घंटे पहले ही सपा में शामिल होने वाले बदायूं के दातागंज के पूर्व विधायक सिनोद शाक्य को भी कार्यसमिति में शामिल किया गया है।
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की ओर से जारी तीन श्रेणी की सूची में स्थाई आमंत्रित सदस्य के तौर पर 30 नेताओं को शामिल किया गया है। इनमें पीएम मोदी, राजनाथ सिंह, सीएम योगी दोनो डिप्टी सीएम समेत कई केंद्रीय मंत्री और सांसद शामिल हैं। वहीं, विशेष आमंत्रित सदस्यों में कुल 134 नेताओं को शामिल किया गया है। इनमें भी पार्टी के राष्ट्रीय और प्रदेश संगठन के वर्तमान और पूर्व पदाधिकारियों के अलावा प्रदेश सरकार के मंत्रियों को शामिल किया गया है। जबकि प्रदेश कार्यसमिति में 548 कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है।
अब तक के सबसे बड़ी कार्यसमिति में जहां सात मुस्लिम नेताओं को स्थान दिया गया हैं, वहीं, वयोवृद्ध नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी समेत तमाम पुराने नेताओं को भी कार्यसमिति में शामिल किया गया है। सूची में मोदी, योगी और राजनाथ सिंह की मौजूदगी केंद्र और प्रदेश नेतृत्व के साझा राजनीतिक संदेश को रेखांकित करती है। वहीं, डॉ. मुरली मनोहर जोशी और विनय कटियार को जगह देना पार्टी के पुराने नेतृत्व और वैचारिक विरासत को संगठनात्मक ढांचे में सम्मान देने का संकेत है। इसका एक राजनीतिक पहलू यह भी है कि चुनावी तैयारी के दौरान भाजपा अपने वरिष्ठ नेताओं को संगठन से जोड़े रखना चाहती है। कार्यसमिति में सात मुस्लिम नेताओं को शामिल कर भाजपा संगठन में अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व का संदेश देने की भी कोशिश की गई है।
सूची में सभी छह क्षेत्र पश्चिम, ब्रज, काशी, अवध, गोरक्ष और कानपुर के हर जिले में प्रतिनिधित्व देकर जातीय समीकरण भी साधने की भी कोशिश की गई है। साथ ही कार्यसमिति में स्थान देकर असंतोष को भी साधने का भी प्रयास किया गया है। वहीं, पिछले दिनों ब्राम्हण समाज की बैठक करने वाले एक भी विधायकों को सूची में नहीं शामिल किया गया है।
