आरोपी की मां को अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट से पूर्व में उम्रकैद की सजा हो चुकी
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। तांत्रिक की हत्या में दोष सिद्ध होने पर न्यायाधीश ने दोषी को 30 साल की सजा सुनाई और 12 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला इंदिरानगर निवासी संतो देवी ने 19 जनवरी 2017 को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 5 नवंबर 2016 को उसके पति अमृतलाल का शव शहर कोतवाली क्षेत्र में एक कुएं में कंगाल के रूप में मिला था। उसके कपड़े और हाथों में पहने कंगन से शिनाख्त कर अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने विवेचना के दौरान मोहल्ले के ही जितेंद्र राजपूत और उसकी मां के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में विवेचना कर कोर्ट चार्जशीट दाखिल की थी। इस मामले में जितेंद्र राजपूत की मां को अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट से पूर्व में उम्रकैद की सजा हो चुकी है। वहीं, जितेंद्र के मामले में अलग से सुनाई चल रही थी। गुरुवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद पॉक्सो एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद कमर में आरोपी जितेंद्र राजपूत को हत्या व सबूत मिटाने में दोषी पाते हुए सजा सुनाई गई।
