अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। ओडिशा से गांजे की बड़ी खेप लेकर आ रहे तस्करों को झांसी की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने मध्य प्रदेश के जबलपुर में दबोच लिया। टीम ने जबलपुर पुलिस के साथ घेराबंदी कर एक ट्रक से 29 बोरियों में भरा 871 किलोग्राम गांजा बरामद किया। इसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1.30 करोड़ रुपये बताई गई है।
पुलिस ने अलीगढ़ और पश्चिम बंगाल के दो तस्करों को गिरफ्तार किया है, जबकि उनका एक साथी फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अलीगढ़ के इगलास थाना क्षेत्र के नगला कलुआ गांव निवासी धर्मवीर सिंह और पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर निवासी विक्रम करमाकर के रूप में हुई है। ओडिशा निवासी प्रभात साहू मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
अलीगढ़ से संचालित हो रहा था नेटवर्क
एसएसपी विकास कुमार के अनुसार, एएनटीएफ टीम को अलीगढ़ से संचालित गांजा तस्करी के नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली थी। एएनटीएफ प्रभारी चंदन पांडेय के नेतृत्व में टीम ने जांच और सुराग जुटाए तो ओडिशा से गांजे की बड़ी खेप रवाना होने का पता चला। टीम तस्करों का पीछा करते हुए जबलपुर पहुंची। शुक्रवार आधी रात के बाद जबलपुर पुलिस के साथ गोसलपुर थाना क्षेत्र में एनएच-30 पर घेराबंदी की गई। मुस्कुरा मोड़ के पास ट्रक को रोककर तलाशी ली गई तो उसमें 29 बोरियों में गांजा भरा मिला।
झांसी से मैहर तक फैला था तस्करी का जाल
एएनटीएफ प्रभारी चंदन पांडेय के मुताबिक, धर्मवीर ओडिशा निवासी प्रभात साहू की मदद से गांजे की आपूर्ति करता था। वह पहले भी ओडिशा में पकड़ा जा चुका है। पूछताछ में धर्मवीर ने बताया कि गिरोह गांजे की खेप उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के विभिन्न इलाकों में पहुंचाता था। झांसी, ललितपुर, मथुरा और अलीगढ़ के अलावा मध्य प्रदेश के मैहर तक इसकी आपूर्ति की जाती थी।
पिछले महीने पकड़े गए तस्करों से भी जुड़े तार
पुलिस के अनुसार, पिछले महीने झांसी में पकड़े गए गांजा तस्करों को भी धर्मवीर ओडिशा से गांजे की आपूर्ति करता था। अब पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। फरार प्रभात साहू की तलाश के साथ ही गिरोह के दूसरे गुर्गों तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं।

विक्रम, तस्कर
