उरई। जिले में पुलिस विभाग में तैनात एक सिपाही पर शादी का झांसा देकर युवती का करीब दस साल तक शारीरिक शोषण करने का आरोप लगा है। इस दौरान कई बार गर्भवती होने पर बाहर ले जाकर गर्भपात भी कराया। अब पुलिस में नौकरी मिलने के बाद आरोपी शादी से मुकर गया। पीड़िता ने एसपी से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। एसपी ने मामले की जांच महिला थानाध्यक्ष को सौंपी है।
आटा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली युवती ने शिकायती पत्र में बताया कि उसकी मां का करीब 20 साल पहले निधन हो चुका है। पिता मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उसने बीएमएलटी और बीए की पढ़ाई की है। वर्तमान में वह पैथोलॉजी लैब चलाकर परिवार की आर्थिक मदद कर रही है।
पीड़िता के अनुसार, उरई के रामनगर निवासी मनीष कुमार वर्ष 2015 में उसके संपर्क में आया था। उस समय उसकी उम्र 15 साल थी। आरोप है कि मनीष उसे स्कूल से ले जाकर एक होटल में पहुंचा और परिवार को सहारा देने के साथ शादी करने का भरोसा दिया। इसके बाद उसकी मर्जी के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता का आरोप है कि शादी का आश्वासन देकर आरोपी लगातार उसका शोषण करता रहा। इस दौरान कई बार गर्भवती होने पर उसे बाहर ले जाकर गर्भपात कराया गया।
शिकायत के मुताबिक, आरोपी पुलिस भर्ती की तैयारी के दौरान नौकरी मिलने पर धूमधाम से बरात लाकर शादी करने का भरोसा देता रहा। सीतापुर में प्रशिक्षण पूरा करने के बाद 14 मार्च 2026 को छुट्टी लेकर आया और उसे अपने घर ले गया। आरोप है कि वहां भी पूरे दिन उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
पीड़िता का कहना है कि जब उसने शादी की बात की तो आरोपी और उसके परिजनों ने मकान बनने के बाद विवाह करने की बात कही। बाद में उसे आरोपी की दूसरी जगह शादी की तैयारी होने की जानकारी मिली। विरोध करने पर आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि उसे शादी के बदले 20 लाख रुपये दहेज मिल रहा है, इसलिए वह उससे शादी नहीं करेगा।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि शिकायत करने की बात कहने पर उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। उसने आरोपी और उसके परिवार से जान-माल का खतरा बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। एसपी सुरेश चंद रावत ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए महिला थानाध्यक्ष को जांच सौंपी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
