झांसी। मौनिया नृत्य दीपोत्सव को भव्य एवं मनमोहक बनाएंगे। दीपावली के अगले दिन परमा पर मौन व्रत धारण कर युवाओं की टोलियां बुंदेली गीतों पर ढोलक की मधुर थाप पर हाथों में चाचर एवं लाठी लेकर परंपरागत मौनिया नृत्य करेंगे, जिनका जगह – जगह स्वागत होगा। मौनिया नृत्य को दीवारी नृत्य भी कहा जाता है। संस्कार भारती के महामंत्री एवं बुंदेली संस्कृति के जानकार सीताराम कुशवाहा के अनुसार मौनिया नृत्य का गांव एवं शहर में विशेष आकर्षण है। यह भगवान कृष्ण के प्रति समर्पण, भक्ति एवं खुशहाली का संदेश देता है। संवाद
