
अग्निवीर जवान की मौत।
– फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
नानपारा के गुरघुट्टा गांव निवासी अग्निवीर जवान दिलीप निषाद (21) पुत्र जमुना प्रसाद की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। वह पश्चिम बंगाल स्थित बांग्लादेश सीमा पर तैनात था। जवान की मौत से परिजनों के साथ ही गांव में भी मातम पसर गया और लोगों ने बुधवार को गांव स्थित अपनी दुकानें बंद रखीं। वहीं परिजन भी शव लेने के लिए पश्चिम बंगाल के लिए निकल गए। मामले की सूचना पाकर उपजिलाधिकारी नानपारा अश्वनी पांडेय, नायब तहसीलदार शैलेष अवस्थी, प्रभारी निरीक्षक प्रदीप सिंह जवान के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढ़स बंधाया।
परिजनों ने बताया कि दिलीप सेना में दो वर्ष पहले भर्ती हुए थे और वर्तमान में पश्चिम बंगाल स्थित भारत बांग्लादेश सीमा पर तैनात थे। मंगलवार की शाम सेना के उच्चाधिकारियों का फोन आया और उन्होंने दिलीप की तबीयत खराब होने की जानकारी दी। इसके कुछ देर बाद ही दोबारा फोन कर उसकी मौत की सूचना दी। इस पर परिजन रोने बिलखने लगे। रात में ही पिता जमुना, भाई विनोद और अन्य दो लोग बांग्लादेश सीमा के लिए रवाना हो गए। जहां बेटे के शव को उनके सुपुर्द कर दिया गया।
घर का लाडला था दिनेश
परिजनों ने बताया कि दिलीप तीन भाइयों विनोद, संतोष के बाद सबसे छोटा था और दो बहनें मंजू, पूजा हैं। छोटा होने के चलते घर का लाडला भी था। उसने इंटर की पढ़ाई करने के बाद सेना में जाने की तैयारी शुरू कर दी थी। लगभग दो साल पहले उसका अग्निवीर योजना के तहत सेना में आरक्षी के पद पर चयन हो गया था। पढ़ाई में होनहार था और प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी कर रहा था।
चयन के बाद तीसरी जगह हुई थी तैनाती
सेना में चयन होने के बाद दिलीप की पहली पोस्टिंग ओडिशा फिर राजस्थान और अब भारत बांग्लादेश सीमा पर तैनाती हुई थी। परिजनों ने बताया कि मंगलवार की दोपहर उसकी घर के सदस्यों से फोन पर बातचीत हुई थी। तब तक तो वह पूरी तरह सही था और उसने बीमार होने की कोई बात भी नहीं की थी। अचानक रात को उसकी तबीयत खराब होने के बाद मौत की सूचना मिलने पर परिजन मौत के प्रति आशंकित हैं।
देर रात गांव पहुंचेगा अग्निवीर जवान का शव
मृतक जवान का शव लेने गए भाई विनोद ने फोन पर बताया कि वे लोग कोलकाता से 200 किलोमीटर दूर स्थित पानागढ़ बांग्लादेश सीमा पर पहुंचे हैं, जहां भाई की तैनाती थी। रात आठ बजे शव सेना द्वारा उन लोगों को सौंपा जाएगा। जहां से हवाई जहाज के माध्यम से शव लेकर लखनऊ पहुंचेंगे। इसके बाद एंबुलेंस के माध्यम से गांव पहुंचकर शव का अंतिम संस्कार करेंगे। विनोद ने भाई की मौत पर संदेह जताते हुए बताया कि सेना के अफसरों के मुताबिक उसके भाई की मौत हार्ट अटैक से हुई है। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण सामने आ सकेगा।
मृतक के पिता पूर्व में थे गांव के प्रधान
मौत की सूचना गांव पहुंचने पर चारों तरफ मातम व सन्नाटा पसर गया। कई ग्रामीणों के घर शाम का चूल्हा नहीं जला। वहीं कई ग्रामीणों का कहना था कि दिलीप के पिता गांव के प्रधान रह चुके हैं। उनके व्यवहार के सभी मुरीद हैं। वहीं बेटा भी गांव के बड़े बुजुर्गों को सम्मान करता था और अपने दोस्तों में भी प्रिय था। पिता खाद व मोबाइल की दुकान का संचालन करते हैं।
परिजनों को नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी
अग्निवीर जवान की मौत होने पर उसके परिजनों को करीब दो करोड़ रुपये के आसपास सेना से मिलेंगे। सरकार के नियमों के मुताबिक परिवार के किसी सदस्य को न तो नौकरी मिलेगी और न ही मृतक जवान को शहीद का दर्जा मिल सकेगा। -शिवकरन सिंह, पूर्व उपाध्यक्ष व निदेशक सैनिक कल्याण निगम, यूपी
