इकौना (श्रावस्ती)। इकौना में संचालित मिस्बाह नर्सिंग होम में रविवार हुई जच्चा-बच्चा की मौत का यह कोई नया मामला नहीं है। इससे पूर्व भी यहां प्रसव के दौरान दो बच्चों की मौत हो चुकी है। इतना ही नहीं जिले में पांच नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड सेंटर व पाॅली क्लीनिक पहले से सील हैं जिनकी अभी जांच चल रही है।
इकौना नगर के उपाध्याय तिराहा स्थित मिस्बाह नर्सिंग होम की चिकित्सक की अनुपस्थित में नर्स रेशमा परवीन ने प्रसव के लिए आई गिलौला के हसनाभारी निवासी अंजना निषाद को भर्ती कर लिया था। जिसकी प्रसव के दौरान बच्चे सहित मौत हो गई। अस्पताल की यह पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी इकौना क्षेत्र के ग्राम पतेढा निवासी ज्योति को ऑपरेशन से बेटा हुआ था जिसकी हालत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
वहीं बरगदही निवासी गुड़िया के बच्चे की प्रसव के दौरान मौत हो गई थी। साथ ही पुरुषोत्तमपुर निवासी कुतुब जहां के बच्चे की भी प्रसव के दौरान मौत हो गई थी। जानकारों की माने तो नर्सिंग होम का स्वास्थ्य विभाग में इस वर्ष नवीनीकरण नहीं हुआ था न ही अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र ही है।
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यह भी हो चुके हैं सील
जिले में बिना रजिस्ट्रेशन व मानक पूरा किए नर्सिंग होम, पाॅली क्लीनिक व अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालन कोई नया मामला नहीं है। डिप्टी सीएमओ की ओर से अलग-अलग समय में की गई जांच के दौरान अप्रैल से अब तक गिलौला में न्यू अपोलो पाॅली क्लीनिक, अवंतिका अल्ट्रासाउंड सेंट, मल्हीपुर में रॉयल हॉस्पिटल, इकौना में राज अल्ट्रासाउंड व सीएचसी इकौना के सामने संचालित सनराइज पाॅली क्लीनिक सील किया जा चुका है। इसमें से राॅयल हाॅस्पिटल को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। जबकि शेष की जांच चल रही है।
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दो दिन में सीएमओ को सौंपी जाएगी जांच रिपोर्ट
इकौना स्थित मिस्बाह नर्सिंग होम की जांच के लिए मेरे नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम गठित की गई है। दो दिन में जांच कर सीएमओ को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इसके बाद जो भी कार्रवाई होनी होगी की जाएगी।
-डाॅ. दिनेश सिंह डिप्टी सीएमओ
संवाद
