संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Fri, 30 Aug 2024 02:37 AM IST

उरई। पानी पीने के बाद उसका टैक्स देने में मेडिकल कॉलेज प्रशासन लापरवाही बरत रहा है। जिससे जल संस्थान अपनी वसूली से पिछड़ता जा रहा है। राजस्व नहीं मिलने से कई काम भी नहीं हो पा रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज पर पानी का हर साल 60 लाख रुपये का राजस्व बनता है। जिसे तय समय में मेडिकल कॉलेज को जमा भी करना होता है। लेकिन तीन साल का मेडिकल कॉलेज ने अभी तक जल संस्थान का टैक्स नहीं चुकाया है। जिससे जल संस्थान लगातार कॉलेज को बिल व नोटिस भेज रहा है। बताते चलें कि पिछली साल से जल संस्थान ने मेडिकल कॉलेज पर टैक्स निर्धारित किया था। जिसमें दो साल का टैक्स जमा करने के लिए 1.20 करोड़ का बिल मेडिकल कॉलेज को भेजा था। इसके बाद उसने बिल जमा नहीं किया तो जल संस्थान ने नोटिस भी भेजा था। इसके बाद भी कोई समाधान नहीं हुआ।
वहीं, जल संस्थान ने 2025 तक का फिर से बिल भेज दिया है। उसको जाम करने के लिए भी मेडिकल प्रशासन से कहा है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता सोमप्रकाश ने बताया कि संस्थान ने पानी का टैक्स जमा करने के लिए फिर से मेडिकल कॉलेज को बिल भेजा है। तीन साल का करीब 1.80 करोड़ रुपये कॉलेज पर बकाया है। जिसे जमा करने के लिए कहा गया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन से आश्वासन मिला है कि रिमाइंडर भेज दिया गया है। जल्द भुगतान हो जाएगा।
