उरई। जल्द पर्चा बनवाने के लिए बुजुर्गाें और महिलाओं को लंबी लाइन राहत मिल जाएगी। इसके लिए मेडिकल प्रशासन ने नए कंप्यूटर खरीदने के साथ क्रम के अनुसार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने की रूपरेखा बना ली है। एक सप्ताह के अंदर यह व्यवस्था लागू भी हो जाएगी।
शहर के राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचने वाले ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को पर्चा बनवाने के लिए सबसे ज्यादा परेशान होना पड़ता है। इस समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद मेडिकल प्रशासन ने इस समस्या से निजात के लिए व्यवस्थाओं में सुधार की रुपरेखा बना ली है। अब दस नए काउंटर बनने से बुजुर्गों और महिलाओं को अलग से सुविधा मिलेगी।
व्यवस्था के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों बिना मोबाइल के आने वाले मरीजों को दस मेडिकल के छात्र ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर देंगे। हर छात्र के पास करीब 50 से 60 मरीजों का रजिस्ट्रेशन करने की जिम्मेदारी होगी। वहीं, पर्चा बनवाने के लिए अभी सात काउंटर हैं, इनमें वृद्धि की जाएगी। इसलिए सात की जगह दस यानी तीन नए काउंटर बनाए जाएंगे। वहीं, आयुष्मान भारत और दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना से जुड़े कर्मचारियों के लिए अलग से व्यवस्था होगी। इन काउंटर के माध्यम से मरीज विभाजित जाएंगे और भीड़ कम होगी।
वर्जन-
नए काउंटर बनाने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। पर्चा काउंटर से लेकर रजिस्ट्रेशन के लिए अलग-अलग टीम तैयार की है। नए कंप्यूटर की भी खरीद की जाएगी। एक सप्ताह के अंदर ये व्यवस्था लागू हो जाएगी। -डॉ. प्रशांत निरंजन, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज
