उरई। सड़क निर्माण के चलते शहरवासी इस समय जाम की बड़ी समस्या से जूझ रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा दिक्कत मरीज और वकीलों को हो रही है। ऐसा नहीं है कि इस जाम की चपेट में पुलिस नहीं आ रही है। बल्कि जाम में फंसने के बाद एक से डेढ़ घंटे तक पुलिस की भी गाड़ी भी नहीं निकल पाई। सड़क निर्माण के साथ-साथ अवैध कब्जे भी जाम की वजह बन रहे हैं।

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आंबेडकर चौराहे से बिजली घर तक सड़क निर्माण से पहले जो असुविधा मिल रही है। अब लोगों के लिए पीड़ा का काम कर रही है। सबसे ज्यादा परेशान मरीज और वकील हो रहे हैं। जिन्हें 100 कदम चलने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। गुरुवार सुबह नौ बजे से जाम लगना शुरू हो गया। जो शाम को पांच बजे तक चलता रहा। कुछ घंटे तो इस कदर जाम लगा कि लोगों को गाड़ी से बाहर उतरकर खड़ा होना पड़ा। इस जाम में करीब 500 वाहन फंस गए।

आंबेडकर चौराहा से न्यायालय के लिए आ रही पुलिस की गाड़ी जाम में फंस गई। रेंगते-रेंगते करीब एक घंटे बाद वह न्यायालय तक पहुंच पाई। सवार तीन सिपाहियों ने बताया कि जल्दी थी, लेकिन एक घंटे से जाम में फंसे हैं। इसके साथ ही कई वकील भी इस जाम का हिस्सा बने तो एंबुलेंस भी जाम में फंसी रही।

जल्दबाजी में निकलने के चक्कर में कई ने अपने वाहन बेतरतीब तरीके से खड़े कर दिए। जिससे कोई भी वाहन आगे नहीं निकल पाया। जाम करीब एक किलोमीटर तक पहुंच गया। ट्रैफिक पुलिस न होने से क्षेत्रीय लोगों व वाहन चालकों ने खुद ही वाहनों को सीधा कराकर जाम खुलवाया। जाम से बचने के लिए कई लोगों ने निर्माणाधीन सड़क पर दोपहिया वाहन चढ़ाकर निकाले, जिससे कुछ लोग चुटहिल हुए।

सुबह साढ़े दस बजे से लगा जाम एक बजे जाकर खुला, उसके बाद फिर से लग गया। धीरे धीरे तब तक वाहन रेंगते रहे। जाम का कारण अतिक्रमण भी है। सड़क किनारे दुकानदार होडिंग, पोस्टर और कुर्सी डालकर अतिक्रमण किए हुए हैं। जिससे बाइक तक नहीं निकल पा रही है। जबकि जगह बड़े वाहन के निकलने की है।

मरीजों को हुई परेशानी

जाम में फंसे गढ़हल निवासी रविंद्र तिवारी ने बताया कि वह महिला मरीज को लेकर मेडिकल कॉलेज दिखाने गए थे। बड़ी मुश्किल से पहुंच पाए थे। अब घर जाने के लिए करीब एक घंटे से इस जाम में फंसे हुए हैं। लेकिन निकल नहीं पा रहे हैं। दर्द से मरीज रो रहा है। बेबस हैं कुछ कर नहीं पा रहे हैं। वहीं, राजेंद्र नगर निवासी नरेश तिवारी ने बताया कि अपने बेटे को दिखाने जा रहे हैं। एक घंटे से फंसे हुए हैं। मेडिकल कॉलेज नहीं पहुंच पा रहे हैं। जब तक पहुंचेंगे, कहीं डॉक्टर ही न उठ जाएं।

ई-रिक्शे भी बन रहे हैं जाम का सबब

जाम का मुख्य कारण ई-रिक्शा भी बने हुए हैं। जाम में कुछ किशोर भी ई-रिक्शा चलाते दिखे। जिन्हें हैंडिल तक संभालना नहीं आ रहा था। इसके साथ ही बिना रूट के ई-रिक्शा चल रहे हैं। करीब 50 ई-रिक्शा इस जाम में फंसे हुए मिले, जिनके पास एक भी सवारी नहीं थी। अगर ये ई-रिक्शा बिना सवारी इस मार्ग पर न जाएं तो जाम से काफी हद तक सहूलियत मिल सकती है।

वर्जन-

जानकारी हुई है, कुछ दुकानदारों ने अतिक्रमण कर रखा है। उसको हटवाकर व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। -वीरबहादुर सिंह, यातायात प्रभारी



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