
घटना के बाद जमा लोग।
– फोटो : अमर उजाला।
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सरोजनीनगर के रहीमाबाद इलाके में खनन बनाये गए तालाब में बृहस्पतिवार शाम तीन छात्र डूब गए। एक किसी तरह खुद बाहर निकल आया, जबकि दो लापता हो गए। गोताखारों की मदद से तलाश करवाने के बाद दोनों के शव बरामद हुए हैं। रेस्क्यू के लिए एसडीआरएफ की टीम मौजूद रही।
सरोजनीनगर के विष्णुनगर के रहने वाले पेंटर मनमोहन का बेटा दुर्गेश (15) और मुरली विहार के प्लंबर मनोज के बेटा मानस (13) नवीं कक्षा के छात्र हैं। ये दोनों अपने एक तीसरे दोस्त के साथ बृहस्पतिवार दोपहर तीन बजे कोचिंग पढ़ने गए थे। तीनों साइकिल से जा रहे थे। इसी दौरान रहीमाबाद क्षेत्र में पंचकुटी के सामने तालाब(खनन किया गया, जहां पानी भर गया) में नहाने लगे। कुछ ही देर में तीनों गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। दुर्गेश और मानस डूब गए जबकि उनका दोस्त किसी तरह से बाहर निकल आया। बाहर निकलकर उसने शोर मचाया। दुर्गेश और मानस के घर जाकर बताया। सूचना पर पुलिस, दमकल पहुंची। गोताखारों को बुलाया। एसडीआरएफ को भी बुलाया गया। अब तक दोनों का पता नहीं चल सका है।
20-30 फीट गहरा गड्ढा होने की आशंका
ग्रामीणों ने बताया कि काफी एरिया में खनन किया गया। एक जगह ऐसी है जहां पर अंदेशा है कि 20-30 फीट गहरा गड्ढा है। आशंका है कि दोनों पर डूबे हैं। इस वजह से गोताखोर तलाश नहीं पा रहे हैं। हादसे की जानकारी होते ही सैकड़ों ग्रामीण वहां पर जमा हो गए। खनन की वजह से हादसा हुआ, इसलिए वह आक्रोश में रहे। उनका कहना था कि अगर खनन न किया गया होता तो हादसा न होता।
एयरपोर्ट की बताई जा रही जमीन
जिस जमीन पर खनन कर तालाब बना दिया वह एयरपोर्ट की बताई जा रही है। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं है। खाली जमीन मिली तो खनन माफिया ने मनचाहा खनन किया और मौत का तालाब बना दिया। ग्रामीणों का कहना था कि न किसी ने खनन पर रोकटोक और न ही आज तक कोई कार्रवाई हुई। प्रशासन का कहना है कि मामले में जांच कराई जा रही है। जांच में पता चल सकेगा कि जमीन किसकी है और खनन क्यों किया गया?
साइकिल और बैग किनारे पड़े मिले
किशोरों के परिजन मौके पर पहुंचे। हर तरफ चीख पुकार मच गई। परिवार वालों ने जब अपने अपने बच्चों की साइकिल और स्कूली बैग तालाब किनारे पड़ा देखा तो और बिलखने लगे। किशोरों को जरा भी अंदाजा नहीं रहा होगा कि वह इतनी गहराई वाले तालाब में नहाने के लिए उतर रहे हैं।
