उरई। गैर इरादतन हत्या के दोषी को अपर जिला जज प्रथम ने दोषी को दस साल की सजा सुनाई। 13 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
कोंच कोतवाली के चंदुर्रा गांव निवासी अमर सिंह ने 23 नवंबर 2019 को थाना पुलिस को तहरीर दी है। इसमें बताया कि उसके चाचा हरिमोहन 22 नवंबर 2019 को खेत पर तार फेंसिंग कर रहे थे। तभी गांव के संतोष और दो अज्ञात लोग लोहे की सब्बल लेकर आए और उसके चाचा से गाली-गलौज देते हुए फेंसिंग तार लगवाने से रोका। चाचा ने विरोध किया तो संतोष ने मारपीट कर जान से मारने को धमकी दी। इससे चाचा गंभीर घायल हो गए।
पुलिस ने जानलेवा हमला सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। इलाज के दौरान हरिमोहन की मौत हो गई। पुलिस ने 302 को धारा बढ़ाकर कोर्ट में चार फरवरी 2021 को चार्जशीट दाखिल कर दी, बुधवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान और सबूतों के आधार अपर जिला जज प्रथम शिवकुमार ने संतोष को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
