महानगर में बृहस्पतिवार को भाजपा पार्षद की ओर से लगाई गईं छह होर्डिंग को लेकर सियासी बवाल खड़ा हो गया। होर्डिंग में सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तस्वीरें लगाकर झारखंड में पेपर लीक के मुद्दे पर सवाल उठाए गए थे। होर्डिंग पर लिखा था- ‘झारखंड में पेपर लीक से टूटते युवाओं के सपने, कब आओगे मेरे अखिलेश-राहुल, तुम्हें झारखंड बुलाता है।’ होर्डिंग में दोनों नेताओं के मुंह पर पट्टी लगी तस्वीर भी प्रदर्शित की गई थी। इसे लेकर सपाइयों ने विरोध जताते हुए कई जगह होर्डिंग फाड़ दीं।

वार्ड तीन भट्टागांव के भाजपा पार्षद अमित राय ने बृहस्पतिवार सुबह बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, बस स्टैंड, सदर बाजार, इलाइट चौराहा, जीवनशाह तिराहा और बीकेडी चौराहा पर होर्डिंग लगवाईं। कुछ ही देर में ये होर्डिंग महानगर में चर्चा का विषय बन गईं। लोगों ने इनके फोटो सोशल मीडिया पर भी साझा किए। होर्डिंग में सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तस्वीरों के साथ झारखंड में पेपर लीक के मामले को लेकर दोनों नेताओं पर सवाल उठाए गए थे। तस्वीरों में दोनों नेताओं के मुंह पर पट्टी लगी दिखाई गई थी। दोपहर होते-होते सपा कार्यकर्ताओं ने होर्डिंग के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया।

कैंटीलिवर पर चढ़कर फाड़ी होर्डिंग

सपा युवजन सभा के जिलाध्यक्ष विश्वप्रताप सिंह यादव खुद कैंटीलिवर पर चढ़ गए और होर्डिंग फाड़नी शुरू कर दी। वहीं, सपा जिलाध्यक्ष बृजेंद्र यादव ने बस स्टैंड के पास लगी होर्डिंग को उतरवा दिया। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया गया। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि झांसी में सपा कार्यकर्ताओं ने भ्रामक और गुमराह करने वाली होर्डिंग के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है। सुबह से शाम तक चले घटनाक्रम के बाद महानगर का सियासी पारा गरमा गया।

‘युवाओं के साथ नहीं, सियासत चमकाने में जुटे’

अमित राय, भाजपा पार्षद ने कहा कि जब जंतर-मंतर पर सपा और कांग्रेस के नेता जा सकते हैं तो झारखंड में पेपर लीक के मामले पर क्यों चुप्पी साधे हुए हैं। ये युवाओं के साथ नहीं हैं, बल्कि युवाओं को आगे करके अपनी सियासत चमकाना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा कार्यकर्ताओं ने होर्डिंग फाड़कर गुंडागर्दी की है। होर्डिंग फाड़ने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

‘झांसी में पोस्टरवार की परंपरा नहीं रही’

सपा युवजन सभा जिलाध्यक्ष विश्वप्रताप सिंह यादव ने कहा कि होर्डिंग में नेताओं की आपत्तिजनक तस्वीरें लगाई गई थीं। झांसी में कभी पोस्टरवार की परंपरा नहीं रही है। राजनीतिक विरोध के नाम पर गलत परंपरा डालने की कोशिश की गई, जिसका सपा ने विरोध किया। सुबह ही होर्डिंग लगाने वाली फर्म से इन्हें हटाने के लिए कहा गया था। दोपहर तक नहीं हटाए जाने पर कार्यकर्ताओं के साथ खुद होर्डिंग हटा दी गईं।



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