Convocation ceremony: Anandiben Patel said, education liberates one from bondage, teachers should create such

समारोह में राज्यपाल मुख्य अतिथि के तौर पर मौजदू रहीं।
– फोटो : अमर उजाला।

विस्तार


 राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि शिक्षित, जागरूक और सभ्य नागरिक ही समृद्ध देश की नींव रखते हैं। वे सोमवार को ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के नौवें दीक्षांत समारोह में डिग्री और पदक पाने वाले विद्यार्थियों को संबोधित कर रहीं थीं। समारोह में केंद्रीय पेट्रो केमिकल्स इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सीपेट) के महानिदेशक प्रो. शिशिर सिन्हा को मानद उपाधि प्रदान की गई।

समारोह में 132 मेधावियों को 149 पदक और 1430 को डिग्री प्रदान की गईं। विवि के कुलपति प्रो. नरेंद्र बहादुर सिंह ने विवि की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी मौजूद रहे। विद्यार्थियों को दीक्षा उपदेश देते हुए राज्यपाल ने कहा कि पुस्तकालयों में भारतीय ज्ञान परंपरा की पुरानी किताबें भरी पड़ी हैं। विद्यार्थियों को इनका अध्ययन करना चाहिए। इनका अलग-अलग भाषाओं में अनुवाद कराना चाहिए। इससे सभी लोग भारत के समृद्ध ज्ञान से परिचित हो सकेंगे।

राज्यपाल ने कहा, शिक्षा बंधनों से आजाद करती है। शिक्षक विद्यार्थियों को इस लायक बनाएं कि वे बंधन से मुक्त हो सकें। भारत शांति को मानने वाला देश है। रूस यूक्रेन युद्ध शुरू हुआ तो पूरी दुनिया में रुपये और शस्त्र देने वालों की होड़ लग गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा कि हम शांति के पक्ष में हैं। हमने पीड़ितों के लिए सहायता भेजी न कि युद्ध सामग्री।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि मेडल पाने वाले विद्यार्थियों को मॉडल की तरह पेश आना चाहिए। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि भाषाओं की भी मृत्यु होती है। इसलिए अपनी भाषा का प्रसार करना हमारी जिम्मेदारी है। संचालन डॉ. नीरज शुक्ला ने किया। इस अवसर पर कुलसचिव महेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ. भावना मिश्रा, वित्त अधिकारी साजिद आजमी समेत शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

नैतिकता के साथ हो विज्ञान का मिश्रण : शिशिर सिन्हा

सीपेट के महानिदेशक प्रो. शिशिर सिन्हा ने मानद उपाधि दिए जाने पर विवि का आभार जताया। उन्होंने डिग्री और पदक पाने वाले विद्यार्थियों से कहा कि विज्ञान को नैतिकता के साथ मिश्रित किया जाना चाहिए। विद्यार्थियों से उन्होंने देश और समाज के लिए कुछ करने को कहा। उनके अनुसार, अगर आप कुछ नहीं कर सकते हैं तो फिर किसी पर अंगुली उठाने का अधिकार भी नहीं है।

149 में से 89 पदक छात्राओं के हिस्से

दीक्षांत समारोह में बीटेक के विद्यार्थी रहे सुबम सिंह को कुलाधिपति स्वर्ण पदक और बीसीए पाठ्यक्रम के अतुल यादव को कुलपति स्वर्ण पदक दिया गया। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती मेडल बीए अरबी के छात्र रहे जबीउल्लाह को दिया गया। समारोह में कुल 1430 विद्यार्थियों को उपाधि दी गई। सभी विद्यार्थियों की डिग्रियां डिजी लॉकर पोर्टल पर भी अपलोड कर दी गईं। 149 में से 61 स्वर्ण, 45 रजत व 43 कांस्य पदक शामिल हैं। इनमे से 43 पदक छात्रों और 89 छात्राओं के हिस्से आए।

छह महीने नहीं सोता था कुंभकर्ण

राज्यपाल ने कहा कि प्राचीन समय में विज्ञान उन्नत अवस्था में थी। उस समय विमान चलते थे। कुंभकर्ण के बारे में रावण ने फैला रखा था कि वह छह महीने सोता है। जबकि वास्तव में वह छह महीने लगातार शस्त्र तैयार करता था।

प्रेक्षागृह का किया शिलान्यास

राज्यपाल ने विवि में 1200 व्यक्तियों की क्षमता वाले प्रेक्षागृह का शिलान्यास किया। साथ ही शैक्षणिक भवन में 125 किलोवाट उत्पादन क्षमता के सोलर पैनल का भी लोकार्पण किया गया। राज्यपाल ने प्रो. मुशीर अहमद, प्रो. चन्दना डे, प्रो. एहतेशाम अहमद, डॉ. नीरज शुक्ला, डॉ. सीएम नौटियाल, आशीष आर्या और डॉ. लक्ष्मण सिंह की पुस्तकों का विमोचन भी किया।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *