उरई। अमर उजाला के उठाए गए मुद्दे और डीएम के निरीक्षण के बाद वर्कशाप में ट्रांसफार्मरों को सुधारने की गति तेज हुई है। 14 दिन में करीब 199 ट्रांसफार्मर दिन और रात में ठीक किए गए। वर्कशाप में दो शिफ्टों में काम होने से लोगों और किसानों को भी राहत मिली है।
किसानों की शिकायत पर ट्रांसफार्मर वर्कशाप में पांच नवंबर को डीएम राजेश कुमार पांडेय ने छापा मारकर हकीकत देखी थी, इसमें किसानों ने बताया था कि दो से ढाई महीने बाद भी उनके निजी नलकूप के ट्रांसफार्मर सही होकर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे खेतों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। डीएम ने जेई और एई की फटकार लगाई थी और दो शिफ्ट में काम करने के निर्देश दिए थे।
इस समस्या को अमर उजाला ने छह नवंबर और सात नवंबर के अंक में मुद्दा बनाकर छापा था, उस समय वर्कशाप में करीब 199 ट्रांसफार्मर खराब पड़े थे। निरीक्षण के बाद 14 दिन के अंदर 199 ट्रांसफार्मरों को सही कर लिया गया है। अब पहले से जो स्टोर में खराब ट्रांसफार्मर रखे हैं, उन्हें ठीक किया जा रहा है।
जेई अजीम सिद्दीकी ने बताया कि डीएम के निर्देश के बाद जो कमियां थी, उनमें सुधार किया गया है। सबसे पहले किसानों के ट्रांसफार्मर सुधार के दिए गए। फुंके ट्रांसफार्मरों की संख्या 199 थी। अब कोई लंबित ट्रांसफार्मर नहीं है। जो ट्रांसफार्मर खराब आ रहे हैं। उनको सुधारा जा रहा है। बताया कि मौसम में भी ठंडक होने से ट्रांसफार्मर फुंकने की संख्या में भी कमी आई है। इससे व्यवस्था में और सुधार हुआ है।
