कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी के मामले में गिरफ्तार बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह की पत्नी से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने मंगलवार को गहन पूछताछ की। ईडी की तीन सदस्यीय टीम ने सुल्तानपुर रोड स्थित आलोक सिंह के घर पर जाकर उसकी पत्नी से करोड़ों रुपये की लागत से बने मकान का हिसाब मांगा। सूत्रों की मानें तो आलोक सिंह की पत्नी अधिकारियों द्वारा पूछे गए सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी, जिसकी वजह से उसे नोटिस देकर कार्यालय तलब किया जाएगा।

दरअसल, एसटीएफ और ईडी की जांच में सामने आया है कि सुल्तानपुर रोड पर बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह ने आलीशान कोठी बनाई, जिसके निर्माण में करीब 20 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। आलोक सिंह के आयकर विवरण की छानबीन में पता चला कि उसने बीते तीन वर्षों में महज कुछ लाख रुपये की आमदनी का ब्योरा दिया था। आलोक से ईडी ने जेल में पूछताछ की थी, जिसके बाद उसकी पत्नी से भी घर पर जाकर आमदनी और खर्च का हिसाब मांगा गया। उसकी पत्नी ने अधिकारियों को बताया कि कोठी के निर्माण में खर्च रकम का ब्योरा आलोक के पास होगा, उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। वहीं दूसरी ओर आलोक सिंह ने भी जेल में हुई पूछताछ में अधिकारियों का सहयोग नहीं किया था, जिसकी वजह से उसे कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी है।

आर्पिक फार्मा का मनोहर नहीं हो रहा पेश

वहीं दूसरी ओर कफ सिरप की तस्करी के आरोप में वांछित अहमदाबाद की आर्पिक फार्मा का संचालक मनोहर जायसवाल ईडी के सामने पेश नहीं हो रहा है। ईडी उसे तीन बार नोटिस देकर तलब कर चुका है। सोमवार को उसे जांच एजेंसी के सामने पेश होना था, लेकिन उसने अपनी पत्नी की तबियत खराब होने का हवाला देने वाला ई-मेल भेजकर मोहलत मांगी है। अधिकारियों के मुताबिक मनोहर गिरफ्तारी के डर से पेश नहीं हो रहा है। इस मामले में उसकी पत्नी और बेटी भी आरोपी है। ईडी ने बीते दिनों उसके अहमदाबाद और लखनऊ के ठिकानों पर छापे मारकर कई अहम सुबूत जुटाए थे। उसके खिलाफ राजधानी में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने एफआईआर दर्ज कराई थी।



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