सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को मानने वाला हर व्यक्ति आज दुखी है। उनके साथ-साथ सनातन के अपमान के लिए भी भावनाएं आहत हुई हैं। अखिलेश यादव ने जारी बयान में कहा कि भाजपा नेता और उनके सत्ता लोलुप संगी-साथी हर तरह की सत्ता पर काबिज होना चाहते हैं। इसलिए शंकराचार्य से भी कागज मांग रहे हैं, जिनकी सनातनी परंपरा तब से चली आ रही है, जब कागज की उत्पत्ति भी नहीं हुई थी।
उन्होंने कहा कि भाजपा के सनातन के समापन का सपना कभी पूरा नहीं होगा। चाहे प्रयागराज में संतों के अपमान का मामला हो या काशी में अहिल्या देवी होल्कर की धरोहर के अपमानजनक ध्वस्तीकरण का, ये सब सनातनी परंपरा को खत्म करने की साजिश है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा का मायावी रूप अब सबके सामने आ गया है।
