लखनऊ में कमाई के लिए लोग अब अपने घरों की छतों पर मनमाने तरीके से होर्डिंग नहीं लगवा सकेंगे। जिनके पास नगर निगम से जारी प्रचार लाइसेंस होगा, वही होर्डिंग लगवा सकेगा। उन होर्डिंगों को भी नगर निगम बिना किसी नोटिस के हटवा सकेगा, जो आपत्तिजनक, भड़काऊ या जानलेवा होंगे। नई प्रचार नियमावली उत्तर प्रदेश नगर निगम (आकाश चिह्न और विज्ञापनों का विनियमन) नियमावली 2026 में इसके प्रावधान किए गए हैं। दो फरवरी को इसका प्रकाशन हो गया है और अप्रैल से लागू हो जाएगा।
शहर में बड़ी संख्या में भारी भरकम होर्डिंगें छतों पर खतरनाक तरीके से लगे हैं। जिन लोगों ने इसे लगाया है, उनमें अधिकतर ने नगर निगम से अनुमति नहीं ली है। कुछ ने तो सीधे ही कंपनियों को ठेके पर दे दिया है। होर्डिंग जिन इमारतों पर लगे हैं, वह कितनी मजबूत हैं, यह भी पता नहीं। नगर निगम भी उन्हें नहीं हटा पाता। इसके लिए एलडीए और आवास विकास की राह ताकता है। नई नियमावली में विभागों की अनापत्ति समाप्त कर दी गई है। अब अवैध होर्डिंगों को हटाने के लिए नगर निगम नोटिस देकर कार्रवाई कर सकता है।