रेलवे मजिस्ट्रेट अरुण क्रांति यशोदास के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को मुस्तरा स्टेशन पर विशेष टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान छह ट्रेनों को रोककर 178 यात्रियों को अनियमित यात्रा करते हुए पकड़ा गया। पकड़े गए यात्रियों से 1,18,000 का जुर्माना वसूल किया गया। वहीं, जुर्माना न देने पर दो यात्रियों को जेल व तीन यात्रियों को न्यायालय उठने की सजा सुनाई गई। मजिस्ट्रेट चेकिंग को लेकर मुस्तरा स्टेशन पर छह घंटे तक हड़कंप मचा रहा।

अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (रेलवे मजिस्ट्रेट) ने मुस्तरा स्टेशन पर झांसी-लखनऊ इंटरसिटी, पुणे-गोरखपुर एक्सप्रेस, झांसी-कानपुर मेमू, पनवेल-गोरखपुर एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों को रुकवाकर चेकिंग कराई। सुबह छह बजे पहुंचे मजिस्ट्रेट के साथ भारी फोर्स व टिकट चेकिंग स्टॉफ से यात्रियों में हड़कंप मचा रहा। कई यात्री ने छिपने-भागने का प्रयास करते रहे, जिन्हें पकड़कर जुर्माना वसूला गया। टीम में सीटीआई मनोहर लाल मीना, अशोक त्रिपाठी, मनोज सिंह बघेल सहित 31 टिकट जांच कर्मी शामिल रहे।

मजिस्ट्रट के बंगला चपरासी को भी नहीं बख्शा

टिकट चेकिंग के दौरान कई यात्री शौचालय में घुस गए तो कुछ प्लेटफार्म के दूसरे साइड से उतरकर भागने लगे। चेकिंग में खुद रेलवे मजिस्ट्रेट का बंगला चपरासी पकड़ा गया लेकिन मजिस्ट्रेट ने किसी की नहीं सुनी। प्रशासनिक अफसर जो एमएसटी लेकर अनियमित यात्रा में पकड़े गए, उनकी दलीलें भी मजिस्ट्रेट की सख्ती के कारण नहीं सुनी गईं।

चेकिंग के दौरान का वीडियो…



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