उरई में मोहल्ला रामनगर स्थित मंदिर में प्रसाद के रूप में बांटे गए पेड़े खाने के बाद छह किशोरों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत पर परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। सभी को तत्काल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

जानकारी के अनुसार मंगलवार को मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद के लिए पेड़े मंगवाए गए थे। ये पेड़े बच्चों और युवाओं में वितरित किए गए। आरोप है कि पेड़ा खाने के कुछ ही समय बाद कुछ किशोरों की तबीयत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते कई बच्चों को उल्टी और घबराहट की शिकायत होने लगी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। पेड़ा खाने से रामनगर निवासी अभिजीत सिंह (16), प्रिंस तिवारी (17), अंश तिवारी (15), राज खान (16), राज (15) और रितेश (18) की हालत बिगड़ गई। सभी को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल सभी की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

पीड़ितों के परिजनों का आरोप है कि प्रसाद के लिए पेड़े शहर के प्रसिद्ध मिठाई विक्रेता ‘टिक्कू पेड़े वाले’ की दुकान से खरीदे गए थे। उनका कहना है कि पेड़े खाने के बाद ही बच्चों की तबीयत बिगड़ी, इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए। घटना की सूचना मिलते ही सिटी सीओ राजीव कुमार शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति की जानकारी ली। वहीं खाद्य विभाग की टीम ने संबंधित दुकान पर पहुंचकर पेड़ों के नमूने जांच के लिए भर लिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि पेड़ों में किसी प्रकार की मिलावट या खराबी थी या नहीं।

दुकान संचालक ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि उनकी दुकान पर गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाता है और सभी उत्पाद ताजे व मानकों के अनुरूप होते हैं। फिलहाल पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और सभी की निगाहें अब जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।



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