अगर लक्ष्य साफ हो और मेहनत लगातार की जाए तो सफलता जरूर मिलती है। शहर के नगरा इलाके में रहने वाली आयुषी सिजरिया ने इसी संकल्प और अनुशासन के दम पर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में 914वीं रैंक हासिल कर अपना सपना पूरा कर लिया।
खबर वही जो सत्य हो
अगर लक्ष्य साफ हो और मेहनत लगातार की जाए तो सफलता जरूर मिलती है। शहर के नगरा इलाके में रहने वाली आयुषी सिजरिया ने इसी संकल्प और अनुशासन के दम पर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में 914वीं रैंक हासिल कर अपना सपना पूरा कर लिया।
सफलता की राह आसान नहीं थी। तैयारी के दौरान आयुषी ने खुद को सोशल मीडिया से पूरी तरह दूर कर लिया। यहां तक कि उन्होंने दोस्तों और रिश्तेदारों के यहां आना-जाना भी लगभग बंद कर दिया था, ताकि पूरा ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित रख सकें। मऊरानीपुर ब्लॉक के एक छोटे से गांव से संबंध रखने वाला सिजरिया परिवार अब झांसी में रहता है। आयुषी के पिता सत्यप्रकाश सिजरिया रेलवे में एडीईएन (सहायक मंडल अभियंता) हैं, जबकि मां नमिता रेलवे वर्कशॉप में एसएसई के पद पर कार्यरत हैं। बेटी की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है। आयुषी ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है, लेकिन यूपीएससी की परीक्षा के लिए उन्होंने इतिहास विषय को चुना। वह रोजाना करीब नौ से दस घंटे पढ़ाई करती थीं। लगातार मेहनत और अनुशासन के बल पर तीसरे प्रयास में उन्हें यह सफलता मिली। साल 2022 में उन्होंने दिल्ली स्थित विजन आईएएस संस्थान से कोचिंग ली थी, लेकिन बाद में घर पर रहकर ही तैयारी जारी रखी। आयुषी के पिता बताते हैं कि उन्हें शुरू से ही यूपीएससी की परीक्षा देकर अधिकारी बनने की इच्छा थी और इसी लक्ष्य को पाने के लिए वह लगातार मेहनत करती रहीं। आज आयुषी की सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं।
नाचते हुए खुशी का इजहार करते परिजन और आयुषी…