उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शनिवार को अमर उजाला सम्मान समारोह के दाैरान विशेष बातचीत में कहा कि महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में 500 बेड की नई इमारत में जल्द ही स्वास्थ्य सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। इसके लिए अत्याधुनिक जीवनरक्षक उपकरणों की खरीद के लिए 42 करोड़ रुपये का बजट मंजूर कर दिया गया है। साथ ही डॉक्टर, पैरामेडिकल और अन्य कर्मचारियों की तैनाती के लिए पद भी स्वीकृत कर दिए गए हैं।
बता दें कि करीब 10 वर्ष पहले इस इमारत के निर्माण के लिए 137 करोड़ रुपये का बजट मंजूर हुआ था। वर्ष 2016 में शासन से बजट न मिलने के कारण निर्माण कार्य बंद हो गया था। करीब छह साल तक काम ठप रहने से निर्माण लागत बढ़कर 147 करोड़ रुपये हो गई। मई 2023 में शासन से बजट जारी होने के बाद निर्माण कार्य में तेजी आई और बीते साल दिसंबर में इमारत साैंप दी गई, लेकिन अत्याधुनिक उपकरणों की खरीद के लिए बजट स्वीकृत न होने और आवश्यक डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती न होने के कारण अब तक इसमें सेवाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। इस संबंध में पूछे सवाल के जवाब में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि 500 बेड की नई इमारत में स्वास्थ्य सेवाएं जल्द शुरू करने के लिए निर्देश दे दिया है।
ये मिलेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं
500 बेड की इस इमारत में पैथोलॉजी, ब्लड बैंक, एक्स-रे, सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा होगी। इसके अलावा सेमी प्राइवेट और प्राइवेट वार्ड भी बनाए गए हैं। जनरल वार्ड 12 से 13 बेड के होंगे। बिल्डिंग में 52 सेमी-प्राइवेट और 32 प्राइवेट वार्ड होंगे। इसके साथ ही आठ ऑपरेशन थिएटर और 13 ऑटोमेटिक एयर हैंडलिंग यूनिट (एएचयू) स्थापित की जाएंगी।
376 पदों पर होगी तैनाती
500 बेड की बिल्डिंग में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पद सृजित करने के लिए जून 2024 में तत्कालीन प्राचार्य प्रो. एनएस सेंगर ने आकलन समिति गठित की थी। समिति में डॉ. नूतन अग्रवाल, डॉ. सुधीर कुमार और डॉ. अंशुल जैन शामिल थे। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कुल 376 पदों पर भर्ती की जरूरत बताई थी। अब उपमुख्यमंत्री के आश्वासन से न्यूरो सर्जन, ऑर्थोपेडिक और जनरल सर्जन, प्लास्टिक सर्जन, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, मेडिकल ऑफिसर, रेडियोलॉजिस्ट, स्टाफ नर्स, टेक्नीशियन, डॉक्टर समेत अन्य पदों को तैनाती की उम्मीद बढ़ गई है।
