थाना नवाबाद के एकता गार्डन के पास से फिल्मी अंदाज में अगवा हुए यश पाठक को बरामद करने के साथ ही पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान पंद्रह हजार के इनामिया समेत कार सवार चार अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। इनमें दो बाल अपचारी बताए जा रहे हैं। यश के साथ पैसों के लेनदेन में विवाद की बात बताई जा रही थी लेकिन, आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। पुलिस को आशंका है कि सट्टेबाजी में रकम हार जाने से युवक को अगवा किया गया। अब पुलिस इस बिंदु पर जांच कर रही है।

शनिवार रात करीब 10:35 बजे अपने दोस्तों के साथ लौटते समय नवाबाद के बनिया पुल के पास रहने वाले यश पाठक पुत्र मनोज का थार सवार बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। उसके दोस्त अभय कुशवाहा ने पुलिस को सूचना देने के साथ ही अपहरण के आरोप में चिरगांव निवासी अरुण यादव के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इसके बाद से पुलिस अपहरणकर्ताओं की तलाश में जुटी थी।

सोमवार तड़के पुलिस को कार सवार बदमाशों के पैरामेडिकल रोड से कृष्णा रेजिडेंसी के पास मौजूद होने की सूचना मिली। नवाबाद प्रभारी रवि श्रीवास्तव की अगुवाई में पुलिस टीम पहुंच गई। पुलिस टीम के पहुंचने पर आरोपियों ने फायर झोंका दिया लेकिन, पुलिस ने कार को चारोें ओर से घेरकर आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम चिरगांव के बाबरी निवासी अरुण यादव एवं बड़ागांव के बिरगुवा निवासी हर्ष यादव बताया। कार के अंदर से यश को भी बरामद कर लिया गया। दो बाल अपचारी भी पकड़े गए।

पुलिस की कहानी में छेद ही छेद

पुलिस अपहरण की इस कहानी में पिछले 27 घंटों से उलझी हुई है लेकिन, चार बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस अपहरण की साफ वजह नहीं बता सकी। किस वजह से यश का कथित अपहरण हुआ यह अभी तक पुलिस को पता नहीं। शुरू में पुलिस पैसों के लेनदेन के विवाद को वजह बताती रही लेकिन, आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद यह भी साबित नहीं हुआ। पुलिस अफसर खुद यह बात स्वीकारते भी हैं।

27 घंटे बाद भी नहीं बता सकी अपहरण की सही वजह

अपहरणकर्ताओं के दो लाख फिरौती मांगने की बात कही गई लेकिन, फिरौती किससे मांगी गई, यह भी पुलिस अफसरों को नहीं पता। पुलिस को सूचना देते समय यश के दोस्त अभय ने फिरौती की बात पुलिस को नहीं बताई। अभय की ओर से शनिवार रात 11:52 मिनट पर दर्ज कराई गई प्राथमिकी में फिरौती मांगने का जिक्र नहीं है। अभय ने कार में सवार एक युवक को पहचानने की बात कही लेकिन, यह बात गले नहीं उतरती। मुख्य आरोपी पर प्राथमिकी दर्ज होने के चंद घंटे बाद इनाम घोषित कर दिया जबकि सामान्य तौर पर 24 घंटे बाद गिरफ्तारी न होने पर इनाम घोषित होता है। घटना में शामिल दो बाल अपचारी की भूमिका पुलिस साफ तौर पर नहीं बता सकी।

मामले की जानकारी देते सीओ लक्ष्मीकांत गौतम…



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