इस्राइल-ईरान युद्ध के बीच प्रदेशभर के 300 कामगारों के इस्राइल जाने पर 21 मार्च तक रोक लगा दी गई है। नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एनएसडीसी) और विदेश मंत्रालय ने संयुक्त रूप से यह फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश श्रम एवं सेवायोजन विभाग, एनएसडीसी और इस्राइल की टीम ने बीते महीने कानपुर में इन कामगारों का चयन किया था।

एनएसडीसी के अनुसार, इस्राइल में शटरिंग कारपेंटर, आयरन बेंडिंग, प्लास्टरिंग और सिरेमिक टाइलिंग के काम के लिए इन श्रमिकों का चयन हुआ है। इसके लिए उन्हें एक लाख से अधिक महीने के पैकेज दिया जा रहा है। काम की मांग के आधार पर अन्य श्रमिकों की चयन प्रक्रिया अभी प्रस्तावित है, लेकिन युद्ध के कारण इस पर रोक लगा दी गई है।

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इस्राइल वापस जाने के इंतजार में हैं 500 कामगार

एनएसडीसी के अनुसार, इससे पहले 6000 से अधिक श्रमिकों को इस्राइल भेजा जा चुका है, जिनमें से करीब 500 कामगारों की घर वापसी भी हो चुकी है। कई कामगार पुन: इस्राइल जाने की अर्जी लगाए हुए हैं, लेकिन इस्राइल दूतावास से अनुमति न मिलने के कारण फिलहाल प्रक्रिया रुकी हुई है। श्रम सेवायोजन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कुछ श्रमिक टोल फ्री नंबर पर जानकारी भी ले रहे हैं। उन्हें एनएसडीसी व विदेश मंत्रालय के नए आदेश का इंतजार करने के लिए कहा जा रहा है।

विदेश मंत्रालय व एनएसडीसी लेगी फैसला

सेवायोजन विभाग की निदेशक नेहा प्रकाश ने बताया कि कानपुर में हुए कौशल प्रशिक्षण एवं दस्तावेज जांच प्रक्रिया में 300 श्रमिकों का इस्राइल में कामगार के रूप में चयन किया गया है। इनका डाटा एनएसडीसी को भेज दिया गया है। श्रमिकों को इस्राइल भेजने का फैसला विदेश मंत्रालय व एनएसडीसी लेगी।



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