यूपी कैबिनेट ने झांसी स्थित पराग (प्रदेशीय सहकारी दुग्ध संघ) के बहुप्रतीक्षित विस्तारीकरण को मंजूरी दे दी। अब यहां 40 हजार लीटर दूध प्रोसेस हो सकेगा। पराग के अफसरों का कहना है कि डेयरी प्लांट के साथ अब प्रोडक्शन यूनिट भी आरंभ होगी। यहां दूध के अलावा प्रोडक्शन यूनिट में दूध से बने उत्पाद भी बनाए जाएंगे। खास तौर से दही, पनीर एवं बुंदेली पेड़ा जैसे उत्पाद तैयार होंगे। यहीं से यह बाजार में बिकने जाएंगे। इन उत्पादों के जरिये पराग की खस्ता माली हालत भी सुधार सकेगी।

मेडिकल कॉलेज के सामने वर्ष 2016 में 3.77 करोड़ की लागत से पराग के दो प्लांट स्थापित हुए थे। यहां 10 हजार लीटर दूध रोजाना प्रोसेस होने के साथ उसकी पैकेजिंग होती है। मंगलवार को कैबिनेट के फैसले के बाद अब प्लांट की क्षमता बढ़कर 30 हजार लीटर रोजाना की जाएगी। विस्तारीकरण के बाद प्लांट की क्षमता बढ़कर 40 हजार लीटर हो जाएगी। ऐसे में यहां टोंड दूध, डबल टोंड दूध समेत दूध से बनी वस्तुएं भी तैयार कराई जाएंगी। पराग के अफसरों ने बताया कि प्रोडक्शन यूनिट स्थापित की जाएगी। अतिरिक्त आने वाले दूध से पनीर, दही, मक्खन, बुंदेली पेड़ा जैसे अन्य उत्पाद निर्मित होंगे।

झांसी में दुग्ध उत्पादन

दुग्ध संग्रह केंद्र 78

डेयरी सहकारी समितियां 306

वार्षिक दुग्ध उत्पादन- 13.68 करोड़ लीटर

प्रति व्यक्ति उपलब्धता- 215 ग्राम प्रतिदिन

खपत

कुल उत्पादन: 2.5- 4 लाख लीटर रोजाना

मांग- 5.1 लाख लीटर रोजाना

सबसे अधिक उत्पादन- मऊरानीपुर, मोंठ एवं बड़ागांव

पराग में विस्तारीकरण योजना के तहत प्रोडक्शन यूनिट तैयार होगी। यहां दुग्ध उत्पाद तैयार करने की योजना है। इससे पराग से जुड़े कृषकों को भी फायदा मिलेगा। – राकेश वर्मा, एजीएम, पराग



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