राजधानी लखनऊ में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने मंगलवार को प्रमुख सचिव आलोक कुमार के साथ बैठक कर औद्योगिक विकास विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्धारित बजट के उपभोग की समीक्षा की। उन्होंने वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले अधिकारियों के साथ बैठक कर यह देखा कि विभाग को मिले बजट का कितना उपयोग हुआ है और शेष राशि कहां खर्च की जा सकती है।
इस वित्तीय वर्ष में औद्योगिक विकास विभाग को कुल 28,864.98 करोड़ रुपये का बजट दिया गया था। अब तक सरकार की ओर से 19,218 करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति जारी की जा चुकी है, जो कुल बजट का लगभग 66.58 प्रतिशत है।
अतिरिक्त स्वीकृति भी जारी होने की संभावना
अधिकारियों के अनुसार वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले करीब 6000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त स्वीकृति भी जारी होने की संभावना है। ऐसा होने पर बजट उपयोग लगभग 87.37 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश की औद्योगिक नीतियों के तहत इस वर्ष विभिन्न औद्योगिक इकाइयों को करीब 2,000 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई है। इसमें एसजीएसटी प्रतिपूर्ति सहित अन्य सरकारी प्रोत्साहन शामिल हैं। ताकि, उद्योगों को निवेश और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिली है।
सरकार उद्योगों को हर संभव सहयोग दे रही
मंत्री नंदी ने कहा कि बेहतर कानून व्यवस्था, मजबूत औद्योगिक नीति, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और बढ़ती हवाई कनेक्टिविटी के कारण उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास तेजी से आगे बढ़ रहा है और सरकार उद्योगों को हर संभव सहयोग दे रही है।
