एलटीटी सुपरफास्ट एक्सप्रेस में यात्रियों के टिकट चेकिंग कर रसीद बनाते हुए फर्जी टीटीई का सामना बुधवार असली टिकट चेकिंग स्टाफ से हो गया। संदेह होने पर टिकट चेकिंग स्टाफ ने फर्जी टीटीई को पकड़कर उसे झांसी आने पर जीआरपी को सौंप दिया। जीआरपी ने टीटीई के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
सुल्तानपुर से चलकर लोकमान्य तिलक टर्मिनस की ओर जा रही एलएलटी सुपरफास्ट एक्सप्रेस(12108) सुबह झांसी आ रही थी। गाड़ी में लखनऊ का टिकट चेकिंग स्टाफ तैनात था। वह टिकट चेकिंग करता हुआ स्लीपर कोच नंबर एस-8 में पहुंचा। जहां पहले से ही एक युवक गले में एनसीआर का रिवन डालकर यात्रियों के टिकट जांच करता युवक मिला। ऑन ड्यूटी टिकट चेकिंग स्टाफ ने युवक से परिचय पूछा तो उसने खुद को टीटीई बताया और वर्तमान में कानपुर में नियुक्त होने की बात कहीं। युवक की हरकतों व उसकी भाषा शैली देख टिकट चेकिंग स्टाफ ने युवक को पकड़ लिया और कोच में सवार यात्रियों से बात की तो उन्होंने बताया कि वह टिकट जांच कर जबरन रसीद बनाकर उसने जुर्माना वसूलने के नाम पर रुपयों की मांग कर रहा था। इसकी जानकारी लखनऊ टिकट चेकिंग स्टाफ ने कंट्रोल रूम को दी और झांसी में उसे जीआरपी के सुपुर्द कर दिया। जीआरपी प्रभारी रामेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि पकड़ा गया फर्जी टीटीई बलिया के गांव तिवारीपुर में रहने वाला अंकित तिवारी है। टिकट चेकिंग स्टाफ के मेमो देने पर मामला दर्ज कर लिया है।
पिता खेती-किसानी करते हैं और बेटा रखता है महंगे शौक
अंकित तिवारी काफी महंगे शौक रखता है और आलीशान होटल में एक टाइम में 1500 रुपये का खाना खाता है। जबकि उसके पिता खेती-किसानी करते हैं। पुलिस ने अंकित के कब्जे से एक मोबाइल फोन व 200 रुपये नगद बरामद किए। गले में भारतीय रेलवे का रिबन डाले था, जिसमें एयरटेल पेमेंट बैंक का प्रीपेड कार्ड लगा हुआ था। जीआरपी प्रभारी रावेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि से पूछताछ की जा रही है।
