स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) उत्तर प्रदेश ने सीबीएससी बोर्ड की जूनियर सेक्रेटरियेट असिस्टेंट समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा कर नकल कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। टीम ने गैंग के सरगना समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
एसटीएफ के मुताबिक गिरोह बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलता था और फर्जी चिकित्सीय प्रमाण पत्र बनवाकर अभ्यर्थियों को स्क्राइबर (लेखक) उपलब्ध कराता था। इन स्क्राइबर के जरिए परीक्षा में प्रश्नपत्र हल कराया जाता था। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से 13 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, 2.70 लाख रुपये नकद, एक स्विफ्ट डिजायर कार और 6 फर्जी पीएफ प्रमाण पत्र बरामद किए गए हैं।
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गिरोह झांसी, जालौन समेत आसपास के जिलों में सक्रिय था। एसटीएफ को सूचना मिली थी कि लखनऊ के विकासनगर स्थित एक परीक्षा केंद्र पर इस तरह की धांधली चल रही है। इसके बाद टीम ने छापेमारी कर आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। एक अन्य आरोपी को गोरखपुर से पकड़ा गया।
गिरफ्तार आरोपियों में राज किशोर, नीरज झा, राम मिलन, सत्येंद्र कुमार, मनीष मिश्र, आकाश अग्रवाल, सौरभ सोनी, अभिषेक यादव, दीपक कुमार शामिल हैं। पूछताछ में सरगना मनीष मिश्रा ने बताया कि वह पेशेवर सॉल्वर को स्क्राइबर बनाकर परीक्षा दिलवाता था। सभी आरोपियों के खिलाफ विकासनगर थाने में केस दर्ज किया गया है।
