झांसी। आरपीएफ कर्मी की बेटी का शव शुक्रवार शाम घर के अंदर बाथरूम में फंदे पर झूलता मिला। मृतका इंटरमीडिएट की छात्रा थी और पेपर देकर घर लौटी थी। हादसे के समय घर पर भाई मौजूद था। मां नवरात्र पर भजन-कीर्तन में शामिल होने गई थी।

रेलवे वर्कशॉप में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात अशोक सिंह मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले हैं। वह यहां दीनदयाल नगर पानी की टंकी के पास किराये के मकान में परिवार सहित रहते हैं। उनकी एक बेटा यशी व एक बेटा है। बेटी यशी सिंह इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रही थी। शुक्रवार को वह पेपर देकर घर लौटी। उस समय भाई घर पर मौजूद था। मां पड़ोस में भजन-कीर्तन में शामिल होने गई थी। शाम को पिता घर लौटे। उन्हें लगा कि बेटी बाथरूम में है। काफी देर बाद भी बेटी बाहर नहीं निकली तो भाई ने दरवाजा खटखटाया। लेकिन अंदर से कोई हलचल न होने पर पिता ने किसी प्रकार दरवाजा खोला तो चीख उठा। बेटी दुपट्टे के फंदे से झूल रही थी। आनन-फानन बेटी को उतारकर अस्पताल ले गए। डॉक्टर ने यशी को मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी प्रेमनगर तुलसीराम पांडेय ने बताया कि छात्रा पेपर देकर लौटी थी। संभवत: पेपर बिगड़ने से अवसाद में आकर फंदा लगा लिया। परिजनों से पूछताछ की गई थी, लेकिन वह भी कोई ठोस जानकारी नहीं दे सके। मौत के कारणों की छानबीन की जा रही है।



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