न्यायालय में गवाही देने के बाद केस वापस लेने के लिए मिल रही धमकियों से आहत दुष्कर्म पीड़िता किशोरी ने खुद को आग लगा ली। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने मुख्य आरोपी के परिजनों समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता की मां के अनुसार, उनकी नाबालिग पुत्री के साथ गांव के अदनान पुत्र इस्लाम ने करीब छह माह पूर्व दुष्कर्म किया था। इस मामले में थाना तुलसीपुर में मुकदमा दर्ज कराया गया था। बीती 24 फरवरी को किशोरी न्यायालय में साक्ष्य देने गई थी। आरोप है कि कोर्ट से लौटने के बाद आरोपी पक्ष के परिजन इस्लाम, कैसर जहां, रियाज व अन्य ने रास्ते में रोककर केस वापस ने लेने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। तहरीर में यह भी आरोप है कि अदनान के जेल से छूटने के बाद पीड़िता की बहनों के साथ भी दुष्कर्म कराने की धमकी दी गई। इसके बाद से किशोरी मानसिक रूप से परेशान रहने लगी।
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परिजनों का आरोप है कि लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक दबाव के चलते किशोरी ने पिछले एक मार्च को घर पर ही खुद को आग लगा ली। गंभीर रूप से झुलसी किशोरी को पहले स्थानीय स्तर पर उपचार दिया गया, बाद में हालत बिगड़ने पर लखनऊ के सिविल अस्पताल रेफर किया गया, जहां 17 मार्च को उसकी मौत हो गई।
वीडियो में भी धमकाने का जिक्र
परिजनों के अनुसार, किशोरी ने एक वीडियो भी बनाया था, जिसमें उसने धमकियों का जिक्र किया था। उस समय लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में भी तहरीर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, पीड़िता की मां की तहरीर पर नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
