लखनऊ। साइबर जालसाजों ने ऐशबाग निवासी ट्रेडिंग कारोबारी को एपीके फाइल भेजकर उनके मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद 41 दिनों में उनके खाते से 52.31 लाख रुपये पार कर दिए। पीड़ित को ठगी की जानकारी बैंक जाने पर हुई। उन्होंने बाजारखाला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
ट्रेडिंग कारोबारी मोहम्मद सालिम के मुताबिक जनवरी में उनके मोबाइल पर लिंक के जरिये एपीके फाइल आई थी। लिंक पर क्लिक करते ही एप उनके मोबाइल में डाउनलोड हो गया। उन्होंने एप को तुरंत मोबाइल से हटा दिया। सालिम ने बताया कि मार्च में कुछ दिन पहले वह बैंक अपनी पासबुक में एंट्री कराने पहुंचे तब बैंक कर्मियों ने उन्हें खाते से 52.31 लाख रुपये निकाले जाने की जानकारी दी।
बैंक कर्मियों ने उन्हें बताया कि उनके खाते से 13 जनवरी से 23 फरवरी तक रकम की निकासी हुई है। इंस्पेक्टर ब्रजेश सिंह के मुताबिक मामले की जांच साइबर सेल कर रही है। पीड़ित से बैंक स्टेटमेंट लेकर यह देखा जा रहा है कि कितनी रकम किन-किन खातों में ट्रांसफर हुई है।
पॉलिसी रिन्यू के नाम पर ऐंठे 51 हजार
चौक के चौपटिया निवासी अभय प्रकाश को साइबर ठगों ने मैक्स इंश्योरेंस का एजेंट बताकर कॉल की। उन्हें पॉलिसी रिन्यू कराने की बात कहते हुए फंसाया। फिर शुल्क के नाम पर उनसे 51 हजार रुपये ऐंठ लिए। इंस्पेक्टर चौक के मुताबिक मामले की तफ्तीश की जा रही है।
ये होती है एपीके फाइल
एंड्रॉयड पैकेज किट (एपीके) फाइलें एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए एप्लिकेशन पैकेज फाइलें होती हैं। ये फाइलें आमतौर पर गूगल प्ले स्टोर के बाहर से डाउनलोड की जाती हैं। ये कानूनी हो सकती हैं, लेकिन अविश्वसनीय स्रोतों से एपीके फाइलें डाउनलोड करना बेहद खतरनाक हो सकता है। ऐसी फाइलों में मैलवेयर या वायरस छिपे हो सकते हैं, जो आपके डिवाइस का नियंत्रण हैकर्स को सौंप सकते हैं और आपकी व्यक्तिगत व वित्तीय जानकारी चुरा सकते हैं।
ठगी से ऐसे बचें
n व्हाट्सएप के जरिये आई किसी भी एपीके फाइल को डाउनलोड न करें, जब तक वह परिचित और भरोसे के व्यक्ति ने न भेजी हो।
n जालसाज अक्सर शादी का कार्ड, ट्रैफिक पुलिस के चालान की
एपीके फाइल भेजकर मोबाइल
हैक कर लेते हैं।
n भेजी गई फाइल अगर APK, PIF, VBS हो तो उसे कतई न खोलें।
n व्हॉट्सएप की सेटिंग्स पर जाएं, फिर स्टोरेज और डाटा चुनें। अब मीडिया ऑटो डाउनलोड सेक्शन में जाएं और अपनी जरूरत के अनुसार फोटो, वीडियो, वॉयस और डॉक्यूमेंट के डाउनलोड के ऑप्शन को बंद कर दें। इससे कोई भी फाइल बिना आपकी अनुमति के डाउनलोड नहीं होगी।
यहां करें शिकायत
n साइबर क्राइम सेल हजरतगंज और साइबर थाना विभूतिखंड
n टोल फ्री नंबर 1930
n केंद्र सरकार की वेबसाइट www.cybercrime.gov.in
n स्थानीय थाने पर भी शिकायत कर सकते हैं।
