पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी के खिलाफ प्रदेशभर में अभियान जारी है। 12 मार्च से अब तक 233 एफआईआर दर्ज की गई हैं। 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 237 लोगों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई जारी है।
खाद्य एवं रसद विभाग के मुताबिक अभियान के तहत अब तक 19,882 स्थानों पर छापे डाले गए। एलपीजी वितरकों के खिलाफ 33 मामले दर्ज हुए हैं जबकि गैस की कालाबाजारी में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के खिलाफ 200 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं।
विभाग का दावा है कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है। 12,888 पेट्रोल पंपों के जरिए नियमित आपूर्ति हो रही है, वहीं भंडार भी पर्याप्त है। एलपीजी वितरण को लेकर 4,107 एजेंसियों को सतर्क किया गया है।
शिकायतों के निस्तारण के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम भी सक्रिय किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि आम जनता को किसी तरह की असुविधा न हो और आपूर्ति व्यवस्था सुचारु बनी रहे। इसके लिए जिलों में प्रवर्तन टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं। निगरानी की जा रही है। गड़बड़ी व कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
