बहुजन समाज पार्टी विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) से हुए नफा-नुकसान को भांप रही है। पार्टी ने हाल ही में गठित की गईं 15 हजार बूथ कमेटियों से इस बाबत रिपोर्ट मांगी है, जिसके आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। बता दें कि बसपा ने इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लिया था ताकि उसके समर्थकों का नाम मतदाता सूची में बरकरार रहे।

पार्टी सूत्रों की मानें तो एसआईआर अभियान में जिन पदाधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई, उन्हें टिकट चयन में तवज्जो दी जाएगी। खासकर जिलों में जिन संभावित प्रत्याशियों को प्रभारी बनाया गया था, उनके बारे में रिपोर्ट मिलने के बाद उनकी दावेदारी पर फैसला लिया जाएगा। 

मामले की गहनता से समीक्षा कर रही

बसपा सुप्रीमो मायावती खुद इस मामले की गहनता से समीक्षा कर रही हैं। उन्होंने पार्टी प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल से इस बाबत सभी जिलों से रिपोर्ट मंगाने को कहा है। खासकर पार्टी के प्रभाव वाले क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या कम होने के बारे में बताने को कहा गया है ताकि जिनके नाम मतदाता सूची में शामिल होने से रह गए हैं, उनको आगे जुड़वाया जा सके। 

बता दें कि बसपा सुप्रीमो ने बीती 7 फरवरी को राजधानी में पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में एसआईआर के कार्यों में विशेष रुचि दिखाने का निर्देश दिया था। उन्होंने बहुजन समाज को जागरुकता दिखाते हुए इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की थी।



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