झांसी। यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन में लगाई गई अलार्म चेन के अनावश्यक उपयोग ने रेलवे की मुसीबत बढ़ा दी है। इससे ट्रेनें विलंब हो रही हैं। वहीं, रेल अफसरों का दावा है कि पिछले वित्तीय वर्ष में 2311 चेन पुलिंग के मामले में यात्रियों को पकड़कर उनके खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा में कार्रवाई की गई। साथ ही उनसे 7.53 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
सभी ट्रेनों में अलार्म चेन लगाई गई है। आकस्मिक परिस्थिति में यात्री इसका उपयोग कर सकते हैं। लेकिन अकारण की जा रही चेन पुलिंग से ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो रहा है। मुरैना सेक्शन, ग्वालियर व दतिया आदि में चेन पुलिंग के सबसे अधिक मामले प्रकाश में आए थे। दतिया में जहां शनिवार को एक्सप्रेस व सुपरफास्ट गाड़ियों में चेन पुलिंग हो रही थी वहीं मुरैना व ग्वालियर सेक्शन में यात्री चेन पुलिंग कर गाड़ी रोक लेते थे।
अफसरों का कहना है कि चेन पुलिंग के बाद अमूमन गाड़ी तीन से पांच मिनट लेट होती है। कभी-कभार इसका समय और बढ़ जाता है। ऐसे में चेन पुलिंग के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया गया। पिछले सालभर में चेन पुलिंग के 2311 मामले सामने आए। सभी पर मामला दर्ज कर 7.53 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
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इन स्थिति में कर सकते हैं चेन पुलिंग : पीआरओ मनोज कुमार ने बताया कि आकस्मिक स्थिति में चेन पुलिंग अपराध नहीं माना जाता है। जैसे कोच में आग लग जाए, चलती ट्रेन में यात्री के साथ कोई आपराधिक घटना हो जाए, चलती ट्रेन से कोई यात्री गिर जाए, प्लेटफार्म पर परिवार के वृद्ध यात्री ट्रेन में न चढ़ सकें या बच्चे आदि छूट जाने की स्थिति में चेन पुलिंग की जा सकती है। जबकि अनावश्यक चेन पुलिंग करने पर एक साल का कारावास या एक हजार रुपये जुर्माना या फिर दोनों हो सकता है।
