प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता खत्म करने के संबंध में बृहस्पतिवार को पॉवर कॉर्पोरेशन ने आदेश जारी किया है। इस आदेश में खेल करते हुए सिक्योरिटी राशि नई कास्ट डाटा बुक के तहत जमा करने का आदेश दिया है। ऐसे में लाखों उपभोक्ताओं को अतिरिक्त राशि जमा करनी होगी।
प्रदेश में करीब 83 लाख प्रीपेड स्मार्ट मीटर के उपभोक्ता हैं। इसमें कोई कनेक्शन 10 साल पुराना है तो कोई 2 साल पहले लिया गया है। पहले से तय की गई सिक्योरिटी राशि कम थी।
साल दर साल नई कास्ट डाटा बुक के अनुसार ही सिक्योरिटी राशि भी बढ़ती गई है। पाॅवर काॅर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक नीतीश कुमार ने छह मई को स्मार्ट प्रीपेड मीटर की जगह सिर्फ स्मार्ट मीटर के प्रयोग के संबंध में आदेश जारी किया है। इसमें सिक्योरिटी राशि जमा करने की अपील की गई है।
यह राशि उपभोक्ताओं को चार किस्तों में जमा करनी है। सिक्योरिटी राशि जमा करने के लिए उत्तर प्रदेश विद्युत प्रदाय संहिता 2005 के प्रावधानों का पालन करते हुए कास्ट डाटा बुक 20026 के अनुसार राशि जमा करने के लिए कहा गया है। इस आदेश के जारी होते ही राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने विरोध शुरू कर दिया है। परिषद का कहना है कि इससे उपभोक्ताओं को लाखों रुपये का चूना लगेगा।
