सर्किट हाउस के पास पीडब्ल्यूडी कॉलोनी निवासी खेमराज सिंह के खाते से साइबर जालसाजों ने धोखे से एपीके फाइल डाउनलोड कराने के बाद उनके खाते से 3.82 लाख रुपये निकाल लिए। पुलिस ने खाते को फ्रीज कराया लेकिन, उसमें सिर्फ 95 हजार रुपये ही बच सके।
खेमराज एक विद्यालय में शिक्षक हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 7 मई की शाम 4 बजे से 4:30 बजे के बीच पंजाब नेशनल बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के खातों से कई ट्रांजेक्शन किए गए। पंजाब नेशनल बैंक के खाते से अलग-अलग किस्तों में 2.84 लाख रुपये और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के खाते से 98 हजार रुपये निकाले गए। इस तरह 3.82 लाख रुपये निकाल लिए गए। मैसेज आने पर उनको इसका पता चला। उन्होंने तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। छानबीन करने पर मालूम चला कि उनके मोबाइल में एक स्पैम के जरिये एपीके फाइल डाउनलोड कराई गई थी। उसके सहारे बैंक खाते में सेंध लगाते हुए रकम उड़ा दी गई। नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव के मुताबिक पुलिस ने सूचना मिलते ही खाता फ्रीज करा दिया था। साइबर जालसाजों को तलाशा जा रहा है।
साइबर ठगी से बचने के लिए हमेशा ध्यान रखें
साइबर विशेषज्ञ डॉ. रजनीश त्रिपाठी का कहना है कि ठगी का शिकार होने से बचने के लिए हमेशा डर एवं लालच से दूर रहना चाहिए। साइबर दुनिया में इस सामान्य नियम का पालन करके कई मुसीबत से आसानी से बचा जा सकता है। इसके साथ ही यह सावधानी भी रखनी चाहिए-
अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। इससे एपीके फाइल के डाउनलोड होने से काफी हद तक बचा जा सकता है।
ओटीपी, यूपीआई पिन और बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड न करें।
क्यूआर कोड स्कैन करने में सावधानी बरतें।
मजबूत पासवर्ड और टू-स्टेप वेरिफिकेशन अपनाएं।
पब्लिक वाई-फाई पर बैंकिंग से बचें।
बैंकिंग अलर्ट मोड को हमेशा सक्रिय रखें।
ठगी होने पर तुरंत शिकायत करें।
