प्रधानमंत्री की ओर से आगामी एक वर्ष तक सोना न खरीदने की अपील के बाद झांसी का सराफा बाजार भी असमंजस की स्थिति में है। कारोबारियों का कहना है यदि बड़ी संख्या में लोग सोने की खरीदारी रोक देते हैं तो इसका सीधा असर व्यापार के साथ उन हजारों कारीगर परिवारों पर पड़ेगा, जो सराफा कारोबार से जुड़े हैं। उन्होंने सरकार का साथ देने की बात कहते हुए आभूषण के बजाये सोने के डिजिटल लेनदेन पर रोक लगाए जाने की मांग की।

अमर उजाला कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित संवाद कार्यक्रम में शामिल होने आए सराफा कारोबारियों ने कहा कि देशहित में प्रधानमंत्री की अपील का सम्मान सभी करेंगे लेकिन, सरकार को इस क्षेत्र से जुड़े छोटे व्यापारियों, सुनार और कारीगरों की स्थिति पर भी विचार करना चाहिए। झांसी में हजारों परिवार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इस व्यवसाय पर निर्भर हैं। सराफा कारोबारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री को जेवर न खरीदने की अपील के बजाए गोल्ड बार की खरीद बंद कराने पर जोर देना चाहिए। गोल्ड बार भ्रष्टाचार बढ़ाने का सबसे बड़ा कारण है। सरकार अगर विदेशी मुद्रा बचाना चाहती है तब डिजिटल गोल्ड के लेनदेन पर रोक लगाई जानी चाहिए। आभूषणों की खरीद बंद होने से केवल दुकानदार ही नहीं, बल्कि डिजाइनर, कारीगर, पॉलिशिंग वर्कर, पैकिंग स्टाफ और अन्य छोटे कर्मचारी भी प्रभावित होंगे। कारोबारियों ने सुझाव दिया कि यदि सोने की खरीद पर रोक या कमी की स्थिति बनती है तो सरकार को सराफा सेक्टर के लिए विशेष राहत पैकेज, आसान ऋण और वैकल्पिक रोजगार योजनाएं लागू करनी चाहिए।

यह बोले व्यापारी

देशहित सबसे पहले है, लेकिन सराफा बाजार से जुड़े छोटे व्यापारियों और कारीगरों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। पहले ही सराफा कारोबार करीब 60 फीसदी खत्म हो चुका। अब 85 प्रतिशत खत्म हो गया। सरकार को सराफा कारोबारियों के लिए ठोस योजना बनानी चाहिए। उदय सोनी, अध्यक्ष सीपरी सराफा व्यापार मंडल

प्रधानमंत्री की अपील के बाद व्यापार में तेज गिरावट आई है। आयात शुल्क में एक साथ बढा़ेत्तरी करने से भी नुकसान हो रहा है। सबसे अधिक परेशानी फुटकर कारोबारियों को हो रही है। उनकी आवाज नहीं पहुंच रही है। उनको राहत देने की जरूरत है। अंकुर अग्रवाल

गोल्ड बार, डिटिजट गोल्ड आदि पर रोक लगाया जाए। सोना का दाम बढ़ने से अब असली खरीददार के बजाए निवेशक आ रहे हैं। निवेशकों की खरीद पर रोक लगाई जानी चाहिए। आभूषण पर रोक लगने से सराफा बाजार में काम करने वाली एक चेन पर प्रभाव पड़ेगा। नीलेश सोनी

सराफा का काम कोई बड़े मुनाफे का नहीं है। ऐसे में अब करीगरों को भी नुकसान उठाना होगा। पिछले दो-तीन दिन से कारोबार काफी कम हो गया है। इसका असर यहां काम करने वाले छोटे दुकानदारों पर भी पड़ेगा। जगदीश मोदी

नई चुनौतियों के लिहाज से नए सोना की जगह पुराने सोने को बदलकर नए जेवर बनवा सकते हैं। सोने को आयात करने से विदेशी मुद्रा खर्च होती है। उसको बचाने के लिए नया सोने की जगह घरों में रखे सोने का इस्तेमाल करना चाहिए। हर्ष गुप्ता

सराफा व्यापारी को कई सारे खर्च भी निकालने होते हैं लेकिन, अब उनके सामने यह नई चुनौती आ गई। सरकार यदि इस क्षेत्र के लिए वैकल्पिक आर्थिक सहायता देती है तो व्यापारियों और कारीगरों को राहत मिल सकती है। सरकार को गोल्ड बार को बंद करना चाहिए। सुशील सोनी, महामंत्री सराफा बाजार

कारोबार काफी कम हो गया है। सबसे ज्यादा नुकसान कारीगरों को होगा। रोजाना 500 से 1000 रुपये कमाने वालों के पास अब कमाई का साधन नहीं बचा। उनके लिए सरकार को राहत पैकेज देना चाहिए। उनको विश्वकर्मा योजना में शामिल किया जाए। कात्यानी सोनी



अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में अपनी बात रखते सराफा व्यापारी…



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