78 वर्षों की विश्वसनीय पत्रकारिता के साथ स्वर्णिम शताब्दी की ओर बढ़ रहा अमर उजाला समूह राजधानी के होटल द सेंट्रम में ‘अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026’ का आयोजन करने जा रहा है। 18 और 19 मई को होने जा रहे इस कार्यक्रम में मंच पर सत्ता पक्ष होगा तो विपक्ष की आवाज भी होगी। फिल्मों की चमक होगी तो जमीन से जुड़ी राजनीति का अनुभव भी। यही इस संवाद की सबसे बड़ी विशेषता है कि यहां से निकले विचारों से देश को एक नई दिशा और नया दृष्टिकोण मिलेगा। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में राजनीति, अध्यात्म, उद्योग, सिनेमा, खेल और समाज के बड़े चेहरे जनता से सीधे संवाद करेंगे। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी शामिल होंगे। आइए कार्यक्रम से पहले उनके बारे में जानते हैं। 

यूपी भाजपा के कद्दावर नेता हैं पाठक

उत्तर प्रदेश की राजनीति में ब्रजेश पाठक किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। बड़ा ब्राह्मण चेहरा माने जाने वाले ब्रजेश पाठक यूपी भाजपा में कद्दावर नेता के साथ ही योगी सरकार में डिप्टी सीएम हैं। पाठक को सियासी सफर में कई उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा है। कभी बसपा का बड़ा ब्राह्मण चेहरा माने जाने वाले ब्रजेश पाठक ने छात्र नेता से डिप्टी सीएम तक का सफर तय किया है। बृजेश पाठक ने अपने जीवन का पहला विधानसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। 

25 जून 1964 को हरदोई में जन्म

ब्रजेश पाठक का जन्म 25 जून 1964 को हरदोई जिले के मल्लावा कस्बे के मोहल्ला गंगाराम में हुआ था, उनके पिता का नाम सुरेश पाठक था। ब्रजेश पाठक ने कानून की पढ़ाई की है, लेकिन उन्होंने अपने राजनीति जीवन की शुरुआत अपने छात्र जीवन से की है। 1989 में वह लखनऊ विश्वविद्यालय छात्र संघ के उपाध्यक्ष चुने गए थे।  इसके बाद 1990 में वह लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष चुने गए थे। इसके 12 साल बाद वह कांग्रेस में शामिल हुए और 2002 के विधानसभा चुनाव में मल्लावां विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े और 130 वोटों के करीबी अंतर से चुनाव हार गये थे। 

2004 में कांग्रेस छोड़कर बसपा में हुए शामिल

ब्रजेश पाठक 2004 में कांग्रेस छोड़कर बसपा में शामिल हो गए। 2004 के लोकसभा चुनाव में वह बसपा के टिकट पर उन्नाव  से सांसद चुने गए। बसपा ने उन्हें सदन में उपनेता बनाया, वहीं 2009 में मायावती ने ब्रजेश पाठक को राज्यसभा भेज दिया। वह सदन में बसपा के मुख्य सचेतक रहे। इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में ब्रजेश पाठक उन्नाव लोकसभा सीट से दूसरी बार मैदान में थे, लेकिन यह चुनाव हार गए थे और तीसरे नंबर पर रहे। 

22 अगस्त 2016 को ब्रजेश पाठक भाजपा में शामिल

2017 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले 22 अगस्त 2016 को ब्रजेश पाठक भाजपा में शामिल हो गए। 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें लखनऊ सेंट्रल विधानसभा सीट से मैदान में उतारा। पाठक इस चुनाव में सपा के रविदास मेहरोत्रा को 5094 वोटों के अंतर से हराया और वह पहली बार विधानसभा पहुंचे। भाजपा की सरकार बनने के बाद योगी सरकार में उन्हें कानून मंत्री बनाया गया था। ब्रजेश पाठक का कद योगी सरकार 2.0 में बढ़ गया। पिछली सरकार में वह कानून मंत्री थे। इस बार उन्हें डिप्टी सीएम बनाया गया है। 



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