पशु चिकित्सा के छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता 4000 रुपये से बढ़ाकर 12000 रुपये कर दिया गया है।  राज्य सरकार का यह निर्णय पशु चिकित्सा शिक्षा को नई ऊर्जा देने वाला है। इससे छात्रों का उत्साहवर्धन होगा तथा पशु चिकित्सा सेवाओं में दक्ष मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलेगी। यह कहना है पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह का।

विधान सभा स्थित सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक में पशुधन मंत्री ने प्रदेश के गो-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गोबर गैस एवं बायो गैस संयंत्रों के माध्यम से ऊर्जा उत्पादन और आय सृजन को बढ़ावा दिए जाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। 

उन्होंने कहा कि गोबर गैस संयंत्रों से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन पर भी और अधिक बल दिया जाए, जिससे गो-आश्रय स्थलों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर विकसित होने के साथ जैविक खेती को बढ़ावा मिल सके। 

समयबद्ध ढंग से टीकाकरण कार्य पूर्ण कराया जाए

वर्तमान में प्रदेश में 131 गोबर गैस संयंत्र स्थापित हैं, जिनकी कुल क्षमता 5244.75 घन मीटर है। इनमें 66 संयंत्र क्रियाशील हैं, जबकि 28 संयंत्र एनजीओ द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी जनपद में वैक्सीनेशन कार्य में शिथिलता न बरती जाए। ग्रामीण क्षेत्रों व दूर दराज के क्षेत्रों तक के पशुपालकों को जागरूक किया जाए तथा समयबद्ध ढंग से टीकाकरण कार्य पूर्ण कराया जाए।

वेटरनरी यूनिट से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पशुपालकों को बेहतर पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। जहां कहीं भी मोबाइल वेटरनरी यूनिट के संचालन में तकनीकी अथवा व्यवस्थागत समस्याएं सामने आ रही हैं, उनका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे पशुपालकों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकें। 

उन्होंने गोरखपुर, कन्नौज एवं कानपुर में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) द्वारा संचालित किए जाने वाले दुग्ध प्लांटों को शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। बैठक में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव  मुकेश कुमार मेश्राम  सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें