तीस साल पुरानी देनदारी चुकाने के विवाद के मामले में फंसे जल निगम नगरीय अभियंताओं को हाईकोर्ट ने फौरी राहत देते हुए बकाया राशि को दो चरणों में जमा करने की छूट दी है। यह पैसा जमा करने के बाद ही हाईकोर्ट इस मामले की आगे सुनवाई आरंभ करेगा। जल निगम अफसरों ने गहरे वित्तीय संकट का हवाला देते हुए कोर्ट से राहत की गुहार लगाई थी।



सुभाष प्रोजेक्ट्स एंड मार्केटिंग लिमिटेड का बकाया भुगतान न करने पर कार्मिशयल कोर्ट ने जल निगम को 3.14 करोड़ रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया था। जल निगम ने हाईकोर्ट से गुहार लगाई लेकिन, अदालत ने जल निगम को पहले यह राशि निष्पादन न्यायालय में जमा करने का निर्देश दिया था। उसके बाद ही इस मामले में आगे सुनवाई करने की बात कही थी। जल निगम ने किसी तरह 2.14 करोड़ रुपये का इंतजाम करके जिला जज के समक्ष चेक प्रस्तुत किया लेकिन, डिमांड ड्राफ्ट न होने से कोर्ट ने इसे स्वीकार करने से इन्कार कर दिया। जल निगम ने हाईकोर्ट से खस्ता वित्तीय हालत का हवाला देते हुए राहत की गुहार लगाई। कोर्ट ने पिछले इस मामले की सुनवाई करते हुए 2.14 करोड़ रुपये डिमांड ड्राफ्ट के साथ एवं शेष 1,00,47,143 रुपये तीन सप्ताह के भीतर जमा करने की मोहलत दे दी। पैसा जमा होने के बाद खंडपीठ अगली सुनवाई 14 जुलाई को करेगा। कोर्ट के इस फैसले से जल निगम अफसरों को कुछ राहत मिली है।



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