लखनऊ। हुसैनाबाद एवं संबद्ध ट्रस्ट तथा लखनऊ विकास प्राधिकरण के संयुक्त सहयोग से बड़ा इमामबाड़ा क्षेत्र में विकसित की जा रही आधुनिक पार्किंग व्यवस्था में लजीज गली से होने वाली वार्षिक आय का 50 प्रतिशत हिस्सा ट्रस्ट को मिलेगा। परियोजना का उद्देश्य इमामबाड़े के आसपास लगने वाले जाम को कम करना और पर्यटकों व आमजन को बेहतर सुविधा देना है। पार्किंग का संचालन, प्रबंधन और रखरखाव हुसैनाबाद ट्रस्ट करेगा।
ट्रस्ट के सचिव महेंद्रपाल सिंह ने बताया कि इमामबाड़े के पास एलडीए की ओर से विकसित फूड कोर्ट लजीज गली से होने वाले वार्षिक लाभ का 50 प्रतिशत हिस्सा हुसैनाबाद ट्रस्ट को मिलेगा। इसका इस्तेमाल क्षेत्र के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और जनसुविधाओं के विकास में किया जाएगा। पर्यटकों की सुविधा के लिए बड़ा इमामबाड़ा, छोटा इमामबाड़ा, पिक्चर गैलरी, सतखंडा और नवाब सआदत अली खां के मकबरे में ऑनलाइन टिकटिंग व्यवस्था भी शुरू कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि लंबे समय से बंद सतखंडा का रिनोवेशन कर दोबारा जनता के लिए खोल दिया गया है। इसके अलावा हुसैनाबाद जामा मस्जिद के पास शौचालय का निर्माण कार्य जारी है। कर्बला मलका अफाक साहिब, खदरा में वॉल पेंटिंग और शाही मस्जिद हजरतगंज में नए सबमर्सिबल पंप व बोरिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि हुसैनाबाद ट्रस्ट की कोई जमीन एलडीए को नहीं दी गई है। एलडीए उसे सिर्फ विकसित करने का काम कर रहा है।
पार्किंग के विरोध में विरोध आज
लखनऊ। लजीज गली व आसिफी मस्जिद के बगल में प्रशासन की ओर से एलडीए के माध्यम से पार्किंग बनाने की योजना के विरोध में शिया समुदाय शुक्रवार दोपहर नमाज के बाद स्थल पहुंच कर विरोध करेगा। शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि कई सालों से ट्रस्ट की कोई कमेटी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कमेटी में शिया समुदाय से किसी कोई भी शामिल नहीं किया गया है। वह कई बार प्रशासन से ट्रस्ट के पदाधिकारियों की सूची और एलडीए के साथ लजीज गली में विकसित की जाने वाली पार्किंग का एग्रीमेंट मांग चुके हैं, लेकिन प्रशासन वह भी उपलब्ध नहीं करा रहा है। प्रशासन ट्रस्ट की जमीनों पर मनमानी कर रहा है। उन्होंने बताया कि शिया समुदाय के लोग उस स्थान का मुआयना करेंगे, जहां प्रशासन पार्किंग बनाना चाहता है।
