उरई। राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में लंबे समय से विवादों में रहे प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी को शासन ने हटा दिया है। उनकी जगह कानपुर मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी विभाग के आचार्य डॉ. महेंद्र सिंह को अग्रिम आदेशों तक मेडिकल कॉलेज जालौन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

डॉ. अरविंद त्रिवेदी अपने सख्त और अक्खड़ रवैये को लेकर अक्सर चर्चाओं में बने रहते थे। उनके कार्यकाल के दौरान मेडिकल कॉलेज प्रशासन कई बार विवादों और अंदरूनी खींचतान को लेकर सुर्खियों में रहा। कर्मचारियों, चिकित्सकों और छात्रों के बीच भी उनके व्यवहार को लेकर लगातार चर्चाएं होती रही थीं।

मंगलवार को चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में डॉ. महेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से राजकीय मेडिकल कॉलेज जालौन में तैनात किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। शासनादेश के अनुसार उनका वेतन पूर्ववत कानपुर मेडिकल कॉलेज से ही आहरित होगा।

गौरतलब है कि 18 मई की रात मेडिकल कॉलेज में इलाज को लेकर हुए विवाद ने जिले में बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक बवाल खड़ा कर दिया था। भाजपा नेता और व्यापारी ब्रजकिशोर गुप्ता अपनी बेटी का इलाज कराने मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। आरोप है कि इलाज में देरी को लेकर व्यापारी पक्ष और जूनियर डॉक्टरों के बीच कहासुनी के बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया था।

घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए थे। व्यापारियों ने बाजार बंद कर विरोध प्रदर्शन और धरना दिया था, वहीं डॉक्टरों ने भी कार्य बहिष्कार कर दिया था। मामले ने जिले में तनावपूर्ण माहौल पैदा कर दिया था।

बाद में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन इस प्रकरण को लेकर लगातार सवाल उठते रहे। सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने भी डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी। प्रशासनिक स्तर से पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी।

लगातार विवादों और बढ़ते दबाव के बीच शासन ने आखिरकार प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी को हटाते हुए मेडिकल कॉलेज में नए नेतृत्व की तैनाती कर दी। नई नियुक्ति के बाद कॉलेज में प्रशासनिक माहौल में सुधार और व्यवस्थाओं के बेहतर संचालन की उम्मीद जताई जा रही है।



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