राजधानी लखनऊ में गोमती नगर के विपुल खंड की सृजन विहार कॉलोनी स्थित सार्वजनिक शिक्षोन्नयन संस्थान (एनजीओ) में रहकर पढ़ाई करने वाली 10वीं की छात्रा पारुल उर्फ महिमा (16) ने बृहस्पतिवार देर शाम बाथरूम में फंदा लगा लिया। वह सुशील त्रिवेदी के एनजीओ के हॉस्टल में वर्ष 2025 से रह रही थी। 

छात्रा के आत्महत्या करने के बाद सुशील ने उसे फंदे से उतारा, लेकिन पुलिस को सूचना नहीं दी। खास बात यह है कि वह शव को गाड़ी में रखकर घूमता रहा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फंदा लगाना बताया गया है।

सुशील ने हरिद्वार में अंतिम संस्कार करने की कही बात 

इंदिरा नगर निवासी पारुल के पिता अभिषेक सक्सेना अधिवक्ता रितेश रंजन चौबे की गाड़ी चलाते हैं। रितेश ने बताया कि उन्हें बृहस्पतिवार रात 11:00 बजे अभिषेक ने फोन कर बताया उनकी बेटी की मौत हो गई है। उस वक्त अभिषेक सवारी लेकर मनाली गए थे। बेटी की मौत की खबर सुनकर वह लौटने लगे। इस पर सुशील ने उनसे हरिद्वार में मिलने के लिए कहा, ताकि शव का वहीं पर अंतिम संस्कार किया जा सके।

इस पर रितेश ने तुरंत पुलिस को फोन किया और सुशील के एनजीओ पहुंचे। रितेश के फोन करने पर सुशील ने बताया कि वह सिधौली तक पहुंच गए हैं और अब गाड़ी लेकर लौट रहे हैं। रात करीब 1.30 बजे वह लखनऊ पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया। अभिषेक ने अनहोनी की आशंका जताते हुए जांच की मांग की है।

घर पर अकेली रहती थी बेटी, मां की हो चुकी मौत

अभिषेक ने बताया कि पत्नी की मौत हो चुकी है। बेटी घर पर अकेली रहती थी, जिस कारण उसका दाखिला एनजीओ में कराया था। आरोप है कि पारुल ने शाम को फंदा लगाया, लेकिन सुशील ने रात 10:30 बजे इसकी सूचना अभिषेक को दी। इंस्पेक्टर गोमती नगर बृजेश त्रिपाठी के मुताबिक आत्महत्या करने के कारण का पता लगाया जा रहा है। सुशील से पूछताछ चल रही है। तहरीर मिलने पर एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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